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न्यायालय 3 विधायकों की अयोग्यता बरकरार रखने फैसलों के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत

By भाषा | Updated: August 25, 2021 16:05 IST

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उच्चतम न्यायालय मणिपुर से कांग्रेस के तीन पूर्व विधायकों की उन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया जिसमे उन्हें सदस्यता के अयोग्य घोषित करने का अध्यक्ष का निर्णय बरकरार रखने के मणिपुर उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है।विधानसभाध्यक्ष ने पिछले साल 18 जून को अपने आदेश में तीनों विधायकों को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था। शीर्ष अदालत ने अयोग्य ठहराए गए विधायकों की तीन अलग-अलग याचिकाओं पर नोटिस जारी कर विधानसभाध्यक्ष कार्यालय और अन्य से जवाब मांगा है। पूर्व विधायकों ने उच्च न्यायालय के दो जून, 2021 के फैसलों को चुनौती दी है जिनमें कहा गया था कि विधानसभाध्यक्ष के पास यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त सामग्री थी कि उन्होंने स्वेच्छा से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की सदस्यता छोड़ दी थी।अयोग्यता याचिकाएं दायर किए जाने के बाद विधानसभाध्यक्ष ने पिछले साल 18 जून को तीन विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। अयोग्यता याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने स्वेच्छा से कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपना समर्थन दिया है। अयोग्यता याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भाजपा द्वारा आयोजित राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लिया था। न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर अपने हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। इस मामले में अब 29 सितंबर को आगे सुनवाई होगी। न्यायालय के बीरेन सिंह, येंगखोम सुरचंद्र सिंह और एस बीरा सिंह तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। ये विधायक मार्च 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से अनुरोध किया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई जाए। पीठ ने कहा कि वह याचिकाओं पर नोटिस जारी कर रही है और मामले में अब 29 सितंबर को सुनवाई होगी। रोहतगी ने पीठ से कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है क्योंकि उच्च न्यायालय ने उनकी अयोग्यता को कायम रखा है और अयोग्यता का कथित आधार यह है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ दी है। उन्होंने दलील दी कि अयोग्यता कार्यवाही में कई खामियां थीं और मामला कथित तौर पर उन मीडिया रिपोर्टों और तस्वीरों के आधार पर बनाया गया था कि इन विधायकों को भाजपा नेताओं के साथ देखा गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायकों ने आरोपों से इंकार किया है और कहा है कि वे अभी भी कांग्रेस के साथ हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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