coronavirus study: Scientists trace genes that aid and stem spread of Sars-CoV-2 | शरीर में किस जीन की वजह से फैलता है कोरोना और कैसे करता है अटैक, वैज्ञानिकों ने लगाया पता
प्रतीकात्मक तस्वीर

Highlightsयह रिसर्च येल स्कूल ऑफ मेडिसिन, बोर्ड इंस्टिट्यूट और MIT और हावर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर की है।दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। वहीं मरने वालों की संख्या लगभग 5 लाख के करीब हो गई है।

नई दिल्ली: दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। दुनियाभर में लगभग 5 लाख लोगों की जान कोविड-19 महामारी के कारण जा चुकी है। विश्व के कई वैज्ञानिक कोरोना वायरस को लेकर ज्यादा से ज्यादा जानाकी जुटाने में जुटे हैं ताकि इसका जल्द से जल्द प्रभावी वैक्सीन बनाया जा सके। इसी बीच एक नए रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि शरी में किन-किन जीन्स की वजह से कोरोना वायरस फैलता है। वैज्ञानिकों ने  जीन-एडिटिंग टूल (CRISPR-Cas9) का उपयोग करते हुए कुछ ऐसे जो या तो सार्स-सीओवी -2 Sars-CoV-2 (वायरस) को शरीर में फैलने या जड़े जमाने में मदद करते हैं। जो कोरोनो वायरस रोग का कारण बनता है। 

इस रिसर्च से वैज्ञानिकों को क्या होगा फायदा 

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रिसर्च से उनको यह पता चल पाएगा कि मानव शरीर में यह वायरस कैसे असर करता है और कितना नुकसान पहुंचाता है। जिसके बाद वह ठीक वैसा ही वैक्सीन तैयार कर पाएंगे जो शरीर में वायरस को सपोर्ट करने वाले जीन्स या सेल पर सीधा असर करेगी। 

स्टडी येल स्कूल ऑफ मेडिसिन, बोर्ड इंस्टिट्यूट और MIT और हावर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर की है। रिसर्च करने वाले एक वैज्ञानिक ने कहा, COVID-19 को शरीर में फैलने में मदद करने वाले कोशिकाओं की पहचान करना महत्वपूर्ण है। जब हमें ये पता होगा कि कोरोना वायरस को शरीर में कौन से जीन या सेल बढ़ने में मदद करते हैं तो हम कारगर दवा बना पाएंगे। 

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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जानें कौन से जीन कोरोना को बढ़ने में मदद करते हैं? 

रिसर्च में मानव शरीर में उन जीन और रास्तों देखा गया है जो वायरस को शरीर के खुद को बढ़ाने के लिए यूज होते है। स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसमें प्रोटीन का अहम योगदान है। प्रोटीन का एक रूप जहां शरीर में कोविड-19 के वायरस को बढ़ाता है तो दूसरा उसके वायरस को बढ़ने से रोकता है। 

स्टडी के मुताबिक, ACE2 रिसेप्टर और Cathepsin L प्रोटीन वायरस को फैलने में मदद करते हैं। वहीं हिस्टोन प्रोटीन इससे बढ़ने से रोकता है। 

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कुछ जीन्स को अफ्रीकन ग्रीन मंकी (बंदर) के सेल्स में भी डाल कर रिसर्च किया है। उसके बाद इन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित किया गया। जिसके बाद यह रिसर्च किया गया है कि  कौन से जीन प्रो वायरल है और कौन से एंटी वायरल हैं। 

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या एक करोड़ से अधिक हुई

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय ने भारत और रूस में संक्रमण के हजारों नए मामले सामने आने के बाद रविवार को एक तालिका तैयार की, जिसके अनुसार अमेरिका में सर्वाधिक, 25 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। हॉपकिंस की तालिका के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 5 लाख लोगों की जान कोविड-19 महामारी के कारण जा चुकी है। 

इस तालिका में उन्हीं मामलों को जोड़ा गया है, जिनकी पुष्टि की जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमितों की वास्तविक संख्या इस आंकड़े से 10 गुणा अधिक हो सकती है क्योंकि बहुत से लोग जांच नहीं करा सके या वे वायरस की चपेट में तो आ गए लेकिन उनमें इसके लक्षण दिखाई नहीं दिये।

Web Title: coronavirus study: Scientists trace genes that aid and stem spread of Sars-CoV-2
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