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उत्तर प्रदेश में शहरों से गांव तक पहुंचा कोरोना, प्रियंका गांधी ने उठाई आवाज़, मांगी न्यायिक जांच

By शीलेष शर्मा | Updated: May 13, 2021 20:28 IST

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश के हालातों पर चिंता जताते हुए योगी सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला।

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ठळक मुद्देगांव में प्राइमरी हेल्थ सेंटर है लेकिन न कोई डॉक्टर न कोई दवा न ऑक्सीजन और न ही वेंटीलेटर। जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बिगड़ते हालातों के बीच सरकारी डॉक्टरों ने भी अब हाथ खड़े कर दिए हैं।

कोरोना महामारी की जंग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बड़े बड़े दावों के बीच हर रोज़ हालात बद  से बत्तर होते जा रहे हैं , हालात यहां तक पहुँच गए हैं कि अब कोरोना महामारी शहरों से निकल कर गांव तक जा पहुंची है और लगातार मौतों का सिलसिला जारी है।  

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा "बलिया , गाज़ीपुर में शव नदी में बह रहे है और उन्नाव में नदी के किनारे सैकड़ों शवों को दफना दिया गया है।  लखनऊ , गोरखपुर , झांसी , कानपुर जैसे शहरों में मौत के आंकड़ों को छुपाया जा रहा है , दूसरी ओर  मुख्यमंत्री योगी बड़े बड़े विज्ञापन देकर अपनी छवि बनाने में लगे हुए हैं " प्रियंका ने इस पूरे मामले की उच्चन्यायालय के न्यायधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की है।  

प्रियंका का यह दावा केवल दावा नहीं , प्रदेश के गांव की ज़मीनी हकीकत इन दावों के अनुरूप ही ब्यान कर रही है। राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता रहे रज्जू भईया के पैतृक गाँव जो बुलंदशहर ज़िले में पड़ता है बनेल में उनके ही परिवार के एक सदस्य की मेडिकल सुविधा के आभाव में मौत हो गयी।  सूत्रों के अनुसार इस गाँव में अब तक कोरोना से 40 लोग काल के गाल में समा चुके हैं।  

बनेल प्रदेश का अकेला गांव नहीं , सीकरीकला गांव में भी दवाओं और दूसरी सुविधाओं के अभाव में मौतों का सिलसिला तेज़ी से ज़ारी है , हालत यहां तक पहुंच चुके हैं कि शवों को दफनाने के लिए अब जगह भी नहीं बची है।  राजधानी दिल्ली से सटे दादरी के निकट मोहम्मदपुर गांव से हर रोज़ एक मौत की खबर आ रही है।  इस संवादाता द्वारा फोन से संपर्क करने पर बताया गया कि  गाँव में न तो कोई कोविड सेंटर है न दवा है न पानी और न ही बिजली।   कानपुर के निकट उन्नाव ज़िले में 14 सरकारी डॉक्टरों ने अपनी सेवाओं से स्तीफा दे दिया है।  उनका आरोप है कि  सुविधाओं के आभाव में सरकार जबरन उन्हें काल के गाल में धकेल रही है।  वे अपनी जान खतरे में डालने के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि न उनके पास पीपीई किट हैं , न ज़रूरी सामान , न दवाएं   और न ही आवश्यक सुविधायें।  ऐसे में वे मरीज़ों का इलाज कैसे करें जहाँ उनकी अपनी जान खतरे में हो।  

उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी इन दिनों अपने आवास पर नियंत्रण कक्ष बना कर उत्तर प्रदेश के प्रत्येक ज़िले और शहर से सूचना एकत्रित कर रही हैं और उसके आधार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उन लोगों को सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दे रही हैं जो कोरोना की मार झेल रहे हैं।  24 घंटे चलने वाले इस नियत्रण कक्ष में हर ज़िले की हर तहसील  जुटाया जा रहा है जिसके आधार पर सामूहिक रसोई घर , घर घर खाना पहुंचाने के लिए, सूखे राशन की व्यवस्था , दवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता भी प्रियंका दे रही हैं।  

टॅग्स :प्रियंका गांधीयोगी आदित्यनाथकोरोना वायरसउत्तर प्रदेश में कोरोना
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