गुवाहाटी: कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने 51 साल बाद इस्तीफा दिया और असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले बड़ा झटका दिया। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में बुधवार को यहां भाजपा में शामिल हो गए। बोरदोलोई ने कांग्रेस से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस ने असम से पार्टी के लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे को बुधवार को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि वह एक सीट पर टिकट को लेकर नाराज थे तथा उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति विपक्षी दल में नहीं रहेगा और वह राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए असम के सभी ‘‘अच्छे’’ नेताओं को भाजपा में लाना चाहते हैं। हिमंत की ये टिप्पणी कांग्रेस के लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद आई है।
असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बुधवार को औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदाब्रता बोरा ने बताया कि बोरदोलोई ने अपना त्यागपत्र एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेज दिया है।
पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री और नागांव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद रहे बोरदोलोई के बेटे प्रतीक, 9 अप्रैल को होने वाले राज्य चुनावों में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। खरगे को संबोधित एक पंक्ति के त्यागपत्र में सांसद ने कहा कि अत्यंत दुख के साथ मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।
बोरा ने बताया कि राज्य पार्टी प्रमुख गौरव गोगोई और असम के प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह इस मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी में बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं। असम से कांग्रेस के तीन लोकसभा सांसद हैं, प्रदेश अध्यक्ष गोगोई (जोरहाट से), बोरदोलोई और रकीबुल हुसैन (धुबरी)। 2016 तक मार्गेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं।