लाइव न्यूज़ :

एनआईए ने की कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जीएम सरूरी से पूछताछ, कहा- ‘छिपाने के लिए कुछ नहीं’, हिज्बुल के साथ कोई संबंध नहीं

By भाषा | Updated: February 12, 2020 15:09 IST

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जी. एम. सरूरी ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सबसे लंबे समय तक जीवित आतंकवादी रहे और किश्तवाड़ में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने के पीछे सरगना रहे मोहम्मद अमीन भट उर्फ ‘जहांगीर सरूरी’ के साथ किसी तरह का संबंध होने से सख्ती से इनकार किया।

Open in App
ठळक मुद्देकिश्तवाड़ को चार दशक पहले आतंकवाद से मुक्त घोषित किया गया था।सरूरी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘भट का न तो सरूरी और न ही मेरे परिवार से संबंध है।

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादी हमलों के संबंध में एनआईए द्वारा पूछताछ करने के एक दिन बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जी. एम. सरूरी ने बुधवार को कहा कि उनके पास ‘‘छिपाने के लिए कुछ नहीं’’ है और किसी से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।

उन्होंने हिज्बुल मुजाहिदीन के सबसे लंबे समय तक जीवित आतंकवादी रहे और किश्तवाड़ में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने के पीछे सरगना रहे मोहम्मद अमीन भट उर्फ ‘जहांगीर सरूरी’ के साथ किसी तरह का संबंध होने से सख्ती से इनकार किया।

किश्तवाड़ को चार दशक पहले आतंकवाद से मुक्त घोषित किया गया था लेकिन नवंबर 2018 के बाद से वह चार हत्याओं से दहल गया। कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं किश्तवाड़ के इंदरवाल निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे सरूरी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘भट का न तो सरूरी और न ही मेरे परिवार से संबंध है।

एनआईए को इस साजिश की जांच करने की जरूरत है कि 2014 के बाद उसके कोडनेम में सरूरी नाम क्यों जोड़ा गया जबकि पहले वह पुलिस रिकॉर्ड में केवल जहांगीर के नाम से जाना जाता था।’’ 67 वर्षीय नेता ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सीआरपीसी की धारा 160 के तहत उन्हें नोटिस दिया है और उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एजेंसी ने 300 से अधिक लोगों को यह नोटिस दिया है और एक प्रतिष्ठित शख्स होने के नाते मुझे भी बुलाया गया है।

मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तथा मुझे दस और बार एजेंसी के समक्ष पेश होने में कोई दिक्कत नहीं है।’’ सरूरी ने कहा कि वह अपने बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए बुधवार को फिर से एनआईए कार्यालय जा रहे हैं। अपने कथित आतंकी संपर्कों के बारे में ‘‘मनगढ़ंत और निराधार’’ कहानियां फैलाए जाने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व में कभी आरोप का सामना नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘एनआईए ने भट के बारे में मुझसे पूछताछ की। मैं उसे नहीं जानता और उसका मेरे परिवार से कोई संबंध नहीं है। यहां तक कि वह सरूरी भी नहीं है और उसका ताल्लुक उस गांव से है जो सरूर पंचायत के तहत आता है जबकि मेरा पैतृक गांव सरथाल है और हम क्षेत्र में आतंकवाद के चरम पर पहुंचने के दौरान 1992-93 में किश्तवाड़ शहर विस्थापित हुए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भट को नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी से जुड़ा धर्मनिरपेक्ष नेता हूं और अपने देश के संविधान में विश्वास रखता हूं। मुझे किसी से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। मेरे इलाके के लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं।’’ सरूरी ने कहा कि वह उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने स्पष्ट रूप से आतंकवाद की निंदा की और अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान एकता तथा अखंडता के लिए काम किया। उन्होंने जिले में पूर्व में हुए साम्प्रदायिक दंगों की एनआईए से विस्तृत जांच करने की भी मांग की।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरएनआईएसीबीआईकांग्रेसआतंकवादी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह