पटनाःबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के अस्थामा से जदयू विधायक जितेंद्र कुमार ने बिहार विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा विभाग की पोल खोल कर रख दी। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने मंत्री सुनील कुमार के जवाब पर कहा कि नालंदा जिले में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बेंच-डेस्क में खरीद में भारी घोटाला किया था। जिला निगरानी समिति के द्वारा इसकी जांच की गई थी। जिसमें दोष सिद्ध हुआ। तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी दोषी पाए गए. फिर भी उन्हें रिवॉर्ड के तौर पर पटना का आरडीडीई बना दिया गया। बावजूद इसके अधिकारियों ने मंत्री जी को भ्रामक जानकारी दी है। यह गंभीर मामला है। विधायक जितेन्द्र कुमार ने सरकार से पूछा कि क्या,सरकार ऐसे अधिकारी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही करने का विचार रखती है?
इस तरह सत्ताधारी दल जदयू के ही विधायक ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को घेर लिया। जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि गड़बड़ी में दोषी पाए गए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) पर कार्रवाई के बजाय पदोन्नति देकर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई), पटना बना दिया गया है। विधायक ने सदन में कहा कि नालंदा में स्कूलों के लिए बेंच-डेस्क खरीद में अनियमितताएं सामने आई थीं और जांच में संबंधित अधिकारी को दोषी पाया गया था। इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित कर दिया गया।
उन्होंने शिक्षा विभाग में खरीद-फरोख्त के मामलों में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप भी लगाया। इस पर राज्य के शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि गड़बड़ी और गबन के आरोपों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सदन की कार्यवाही के बाद मुख्यालय स्तर पर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही विधानसभा में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग में एक ही पद पर 45 हजार नियुक्तियों को लेकर बड़ा ऐलान किया। दरअसल, गोरेकोठी विधायक देवेश कांत सिंह के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग परिचारी की नियुक्ति निकालेगी। 45 हज़ार नियुक्ति होगी।
वहीं, माकपा विधायक अजय कुमार ने एक ही विद्यालय में नियोजित, विशिष्ट और बीपीएससी शिक्षकों के लिए एचआरए के तीन अलग अलग मापदंड में भुगतान होने पर सवाल उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि इसे सही किया जा रहा है। 90 प्रतिशत सही करा लिया गया है। एक समान भुगतान को लेकर जल्द ही पूरी प्रक्रिया कर ली जाएगी। जबकि सहरसा से निर्वाचित निर्दलीय विधायक आईपी गुप्ता ने मध्याहन भोजन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और गर्म खाना नहीं परोसा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में रसोइया होने के बाद भी क्लस्टर किचन से खाना आपूर्ति की जाती है। इस पर मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराने के लिए एनजीओ को ये जिम्मेदारी दी गई है। रसोइया का मानदेय दोगुना किया गया है। फ़िलहाल रसोइया की संख्या कम है, इसलिए एनजीओ की जरूरत पड़ती है। रसोइया के हित का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।