पटना: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा नीति आयोग की बैठक में नहीं बोलने देने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट कर दिए जाने को लेकर सियासत गर्म है। इस बीच ममता बनर्जी के आरोपों पर केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को पटना पहुंचने पर कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ये गलत आरोप है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की बैठक में मैं भी मौजूद था। इसलिए ममता बनर्जी जो आरोप लगा रही हैं, वह बिल्कुल गलत आरोप है। किसी का माइक बंद नहीं किया गया था। चिराग ने कहा कि ऐसी बैठक में जो माइक होता है, उसका कंट्रोल वहां मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हाथ में नहीं होता है बल्कि जो बोल रहा होता है उसी के हाथ में होता है तो माइक बंद करने का सवाल ही नहीं उठता।
चिराग ने कहा कि वह सरासर झूठ बोल रही थीं। वहां समय की बाध्यता थी, लिहाजा जब उनका समय खत्म हुआ तो उनको रिमाइंड कराया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एकदम से उत्तेजित हो गईं और बैठक को बीच में छोड़कर चली गईं। यह आचरण गलत है। अगर आपको अपनी बात रखनी है। कोई नाराजगी भी है तो आप वहीं पर नाराजगी जाहिर करतीं। आपको बोलना था कि हमें और बोलना है। हम सब भी वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं उनको सुनना चाहते थे। वित्त मंत्री वहां पर मौजूद थी। वह भी चाहती थीं कि वो बजट को लेकर अपनी बातों को रख रही हैं, लेकिन जिस तरीके से उनका आचरण था। इससे ऐसा लगता है कि विपक्ष पहले से ही यह सोच समझकर आया था कि वो इस मामले को डायवर्ट करेंगे।
चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी राज्य को ऐसा लगता है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है तो यही वो मंच है, जहां जाकर आप अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस बजट में प्रमुखता से गरीबों, अन्नदाताओं, युवाओं, महिलाओं का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि क्या राजद को खुशी नहीं होनी चाहिए कि बिहार को एक बड़ी राशि आवंटित की गई है? बाढ़ को लेकर 11 हजार करोड़ की राशि आवंटित की गई है। लंबे समय से जो बिहार और बिहारियों की मांग को पूरा किया गया है। इसके बावजूद यदि राजद या कांग्रेस को कोई ऐतराज है तो फिर मुझे यही कहना है कि वही लोग हैं जो कभी बिहार का विकास नहीं चाहते हैं। यह लोग बस हंगामा करना और जनता को गुमराह करना चाहते हैं।