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वैश्विक शांति सम्मेलन के लिए मेरी रोम यात्रा को केंद्र ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया: ममता बनर्जी

By विशाल कुमार | Updated: September 26, 2021 15:42 IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र उनसे ईर्ष्या करता है और इसलिए उनका अपमान किया है. अक्टूबर में रोम में होने वाले एक वैश्विक शांति सम्मेलन कार्यक्रम में पोप, काहिरा के अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, जर्मन चांसलर और इटली के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य आमंत्रित हैं.

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ठळक मुद्देविदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री की दर्जे के अनुरूप नहीं है.ममता ने कहा कि इस विशाल शांति सम्मेलन और भाईचारे के लिए इटली ने हमें विशेष अनुमति दी थी.ममता ने कहा कि तुम सिर्फ हिंदुओं की बात करते हो... मुझे एक हिंदू के रूप में आमंत्रित किया गया था, आपने मुझे अनुमति क्यों नहीं दी?

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि अक्टूबर में रोम में होने वाले एक वैश्विक शांति सम्मेलन के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें मंजूरी देने से इनकार कर दिया.

भवानीपुर उपचुनाव के लिए प्रचार करते हुए ममता ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमें आज (शनिवार) एक पत्र भेजा. उन्होंने राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया. क्यों? क्या मुख्यमंत्री का जाना उचित नहीं है?

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव की ओर से राज्य सरकार को एक लाइन का एक पत्र मिला जिसमें कहा गया कि कार्यक्रम भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री की दर्जे के अनुरूप नहीं है.

इस कार्यक्रम में पोप, काहिरा के अल-अजहर के ग्रैंड इमाम, जर्मन चांसलर और इटली के प्रधानमंत्री सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य आमंत्रित हैं.

ममता को रोम में एक कैथोलिक संघ, संत एगिडियो के समुदाय के अध्यक्ष मार्को इम्पाग्लियाजो द्वारा आमंत्रित किया गया था. वह एकमात्र ऐसी भारतीय हैं, जिन्हें आमंत्रित किया गया.

ममता ने कहा कि केंद्र उनसे ईर्ष्या करता है और इसलिए उनका अपमान किया है.

उन्होंने कहा कि इस विशाल शांति सम्मेलन और भाईचारे के लिए इटली ने हमें विशेष अनुमति दी. अन्यथा पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश इटली में कोविड के कारण प्रतिबंधित हैं.

ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा अमेरिकी दौरे का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कोई भी यूरोप, अमेरिका, ब्रिटेन या कहीं और नहीं जा सकता क्योंकि कोवैक्सिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता नहीं मिली है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने विशेष अनुमति ली थी. हम प्रधानमंत्री के दौरे के खिलाफ नहीं हैं, उन्हें कई बार जाना पड़ता है, लेकिन आपने मुझे (राष्ट्र का) प्रतिनिधित्व क्यों नहीं करने दिया?

इस दौरे से देश का गौरव जुड़ा है. बैठक में सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व किया जाएगा. तुम सिर्फ हिंदुओं की बात करते हो... मुझे एक हिंदू के रूप में आमंत्रित किया गया था, आपने मुझे अनुमति क्यों नहीं दी? आप हिंदू धर्म के बारे में बहुत कुछ कहते हैं. यह जलन है. सिर्फ जलन.

टॅग्स :ममता बनर्जीMamata West Bengalमोदी सरकारmodi governmentRome
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