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कोविड टीकाकरण सर्टिफिकेट पर पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर क्यों? संसद में सरकार ने दिया ये जवाब

By विनीत कुमार | Updated: August 11, 2021 07:41 IST

कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद दिए जा रहे सर्टिफिकेट पर पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लेकर विपक्ष कई बार सवाल उठाता रहा है। इसे लेकर अब सरकार का जवाब संसद में आया है।

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ठळक मुद्देकोरोना को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए रखी गई सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर: सरकारस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री भारती पवार ने राज्य सभा में दिया जवाब।कांग्रेस के कुमार केतकर ने सरकार से सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर सवाल पूछा था।

नई दिल्ली: कोविड टीककरण के सर्टिफिकेट पर पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर और उनका बयान छपा होना वैक्सीनेशन के बाद भी महामारी से बचाव के सभी नियमों के पालन करने के बारे में जागरूकता फैलाने को लेकर है। ये जानकारी केंद्र सरकार ने राज्य सभा में मंगलवार को दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री भारती पवार ने राज्य सभा में यह बात कही। सरकार की ओर से ये जवाब उस समय आया जब विपक्ष लगातार इस पर सवाल उठा रहा था और पीएम मोदी की तस्वीर को सेल्फ प्रोमोशन करार दे रहा था।

विपक्ष का ये भी आरोप था कि चुनाव में फायदे के लिए ये कदम उठाया गया। विवाद के बीच कई विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्य जैसे पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ ने सर्टिफिकेट से पीएम मोदी की तस्वीर हटा भी दी थी। 

वहीं जब राज्य वैक्सीन देने की जिम्मेदारी पूरी तरह से संभाल रहे थे, उस समय भी कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि राज्य की कोशिशों का श्रेय केंद्र सरकार ले रही है। बाद में केंद्र ने पूरे देश के लिए वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ले ली थी।

संसद में सरकार ने पीएम मोदी की तस्वीर पर क्या कहा

राज्य सभा में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को कहा गया कि कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों का प्रारूप मानकीकृत हैं और प्रमाणपत्रों संबंधी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विकसित दिशानिर्देशों के अनुरूप है। 

दरअसल कांग्रेस के कुमार केतकर ने सरकार से जानना चाहा था कि क्या कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाना आवश्यक और अनिवार्य है। इसके जवाब में पवार ने कहा कि महामारी के बदलते स्वरूपों के मद्देनजर कोविड संबंधी उचित व्यवहार का पालन करना इस रोग के प्रसार को रोकने के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण उपाय के रूप में उभरा है। 

उन्होंने कहा, ‘टीकाकरण प्रमाणपत्रों में प्रधानमंत्री के संदेश के साथ फोटो ‍व्यापक जनहित में टीकाकरण के बाद भी कोविड-19 उचित व्यवहार का पालन करने के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के संदेश पर बल देता है।’

पवार ने कहा कि यह सरकार की नैतिक और नीतिगत जिम्मेदारी है कि इस प्रकार के महत्वपूर्ण संदेश लोगों तक सबसे प्रभावी ढंग से प्रसारित किए जाएं। यह पूछे जाने पर कि क्या किसी राज्य ने प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं छापी है, पवार ने कहा कि सभी राज्य कोविड टीकाकरण के लिए कोविन एप्लीकेशन का उपयोग कर रहे हैं। 

हालांकि केंद्रीय मंत्री ने केतकर के उस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या किसी सरकार ने पहले भी पोलियो, चेचक इत्यादी जैसे किन्हीं टीकों के प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर का लगाना अनिवार्य बनाया था।

(भाषा इनपुट)

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