ब्रज भूषण शरण सिंह जी की उपस्थिति में अयोध्या की राष्ट्र कथा बनी विचार और चेतना का मंच, 6 जनवरी कथा का पाँचवाँ दिन

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 6, 2026 16:05 IST2026-01-06T16:05:11+5:302026-01-06T16:05:36+5:30

राष्ट्र कथा महोत्सव का आयोजन Brij Bhushan Sharan Singh की उपस्थिति और सहयोग में किया जा रहा है।

Braj Bhushan Sharan Singh Ji presence national story Ayodhya became platform thought consciousness 6th January fifth day story | ब्रज भूषण शरण सिंह जी की उपस्थिति में अयोध्या की राष्ट्र कथा बनी विचार और चेतना का मंच, 6 जनवरी कथा का पाँचवाँ दिन

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Highlightsकथा को केवल श्रवण नहीं बल्कि चिंतन का माध्यम बना दिया।रचनात्मक दिशा देने वाला बनाया जाए, विशेष रूप से युवाओं के संदर्भ में।

अयोध्याः अयोध्या में आयोजित राष्ट्र कथा महोत्सव के अंतर्गत 6 जनवरी को Rashtra Katha का पाँचवाँ दिवस प्रक्षेत्र नंदिनी निकेतन में संपन्न हुआ। इस दिन की कथा का स्वर आत्ममंथन, नैतिक बोध और जीवन में संतुलन की भावना पर केंद्रित रहा। पूरे सत्र में एक स्थिर और गंभीर आध्यात्मिक वातावरण बना रहा, जिसने कथा को केवल श्रवण नहीं बल्कि चिंतन का माध्यम बना दिया।

राष्ट्र कथा महोत्सव का आयोजन Brij Bhushan Sharan Singh की उपस्थिति और सहयोग में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कथा की सुव्यवस्थित रूपरेखा और स्थल पर बना शांत वातावरण इसी दृष्टिकोण को दर्शाता है कि आध्यात्मिक संवाद को समाज के लिए सकारात्मक और रचनात्मक दिशा देने वाला बनाया जाए, विशेष रूप से युवाओं के संदर्भ में।

6 जनवरी की कथा में Param Pujya Sadhguru Shri Riteshwar Maharaj ने राम कथा के माध्यम से संयम, उत्तरदायित्व और विवेकपूर्ण निर्णय जैसे विषयों को केंद्र में रखा। पारंपरिक राम कथा प्रसंगों को वर्तमान सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन से जोड़ते हुए उन्होंने श्रोताओं को आत्मविश्लेषण की ओर प्रेरित किया। कथा का स्वर शांत, गंभीर और विचारोत्तेजक रहा।

राष्ट्र कथा महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहभागिता के कई महत्वपूर्ण क्षण भी देखने को मिले। कथा के चौथे दिन प्रसिद्ध भोजपुरी गायक एवं अभिनेता Pawan Singh ने कथा स्थल पर उपस्थित होकर संतों, आयोजकों और श्रद्धालुओं से संवाद किया। इसके पश्चात 5 जनवरी को सद्गुरु श्री रितेश्वर महाराज का जन्मदिवस कथा के स्वाभाविक प्रवाह के बीच स्मरण किया गया,

जिसने महोत्सव को एक अतिरिक्त आध्यात्मिक गहराई प्रदान की। पाँचवें दिन की कथा में किसी भी प्रकार का औपचारिक या उत्सवात्मक आयोजन नहीं रखा गया। पूरा सत्र कथा, चिंतन और मनन पर केंद्रित रहा। श्रद्धालुओं की एकाग्र सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्र कथा महोत्सव का उद्देश्य दिखावे के बजाय सार और संदेश को प्राथमिकता देना है।

इस अवसर पर Prateek Bhushan Singh एवं Karan Bhushan Singh की उपस्थिति भी दर्ज की गई, जिससे महोत्सव से जुड़े सामूहिक सहभागिता के भाव को और बल मिला। आयोजकों ने बताया कि प्रक्षेत्र नंदिनी निकेतन में व्यवस्थाएं निरंतर अनुशासन, सरलता और सहजता के साथ संचालित की जा रही हैं, जिससे कथा निर्विघ्न रूप से आगे बढ़ सके।

श्रोताओं को बिना किसी व्यवधान के कथा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। राम कथा की परंपरा से गहराई से जुड़ी अयोध्या नगरी में आयोजित यह राष्ट्र कथा महोत्सव एक बहु-दिवसीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहल के रूप में आगे बढ़ रहा है। 6 जनवरी को ब्रज भूषण शरण सिंह जी की उपस्थिति में कथा के पाँचवें दिन के साथ यह आयोजन आध्यात्मिक अनुशासन, सांस्कृतिक निरंतरता और पीढ़ियों के बीच संवाद की भावना को सुदृढ़ करता हुआ आगे बढ़ा।

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