महानगरपालिका चुनावः महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के इशारे पर नामांकन पत्र खारिज?, बंबई उच्च न्यायालय पहुंचे 8 प्रत्याशी, देखिए लिस्ट
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 6, 2026 18:27 IST2026-01-06T18:26:11+5:302026-01-06T18:27:06+5:30
Municipal elections: भाजपा विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर वार्ड 225, 226 और 227 से मैदान में हैं।

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मुंबईः मंगलवार को आठ उम्मीदवारों ने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए उनके नामांकन फॉर्म को निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के इशारे पर स्वीकार नहीं किया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को होंगे।
आठ इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका में राज्य निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों को उनके नामांकन पत्र स्वीकार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ताओं और कई अन्य स्वतंत्र उम्मीदवारों ने वार्ड संख्या 224 से 227 के लिए आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा जमा राशि के साथ अपने फॉर्म जमा किए,
लेकिन नार्वेकर ने निर्वाचन अधिकारी पर उन्हें स्वीकार न करने का दबाव डाला। ये वार्ड दक्षिण मुंबई में नार्वेकर के कोलाबा विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया, “नार्वेकर ने विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपनी राजनीतिक शक्ति और पद का दुरुपयोग करते हुए निष्पक्ष चुनावों में हस्तक्षेप किया।
पुलिस बल को निर्वाचन अधिकारी के परिसर से उम्मीदवारों (याचिकाकर्ताओं) को बाहर निकालने के लिए मजबूर किया।” इसमें दावा किया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग से उम्मीदवारों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया गया, जिसमें तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी,
लेकिन उच्च न्यायालय ने कहा कि इस पर उचित समय पर सुनवाई की जाएगी। नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर वार्ड 225, 226 और 227 से मैदान में हैं। विपक्षी दलों ने नार्वेकर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और इस प्रक्रिया से जुड़े सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। विधानसभा अध्यक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।