पटनाः बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रामविलास पासवान को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहरा गया है। जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो मंत्री अशोक चौधरी और भाई वीरेंद्र के बीच भिड़ंत हुई। भाई वीरेंद्र ने मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने पर सरकार को घेरा। इस पर मंत्री अशोक चौधरी से विपक्ष को भिड़ंत हो गई। विपक्षी सदस्य भी अपनी सीट पर खड़े होकर हंगामा करने लगे। इसके बाद सरकार की तरफ से अशोक चौधरी ने करारा जवाब दिया।
इस बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने तख्ती लेकर प्रदर्शन कर रहे विधायकों के हाथ से तख्ती हटाने का आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि सदन में बीते दिनों राजद के विधायक कुमार सर्वजीत ने स्व. राम विलास पासवान को लेकर तल्ख बातें कही थी अब इसी बात को लेकर लोजपा(रा) के विधायक माफ़ी की मांग कर रहे हैं, इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को भी सदन में हंगामा हुआ।
उसके बाद पहले सत्र की कार्यवाही रोक दी गई थी। जबकि दूसरे सत्र में भी इसको लेकर लोजपा(रा) के विधायक राजू तिवारी ने सवाल उठाया था। अब आज भी सदन शुरू होने से पहले विधायक बाबूलाल शोर्य ने इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद सदन में हंगामा देखने को मिला। इसके पहले विधानसभा परिसर में लोजपा(रा) के विधायकों ने हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन किया।
बैनर पर लिखा था-“राजद की पहचान, दलितों का अपमान।” पार्टी का आरोप है कि राजद ने दलित समाज के एक बड़े नेता का अपमान किया है। वहीं, राजद विधायक सर्वजीत ने सफाई देते हुए कहा कि रामविलास पासवान उनके लिए आइकन रहे हैं। उन्होंने विधानसभा परिसर में पासवान की प्रतिमा स्थापित करने की मांग करने की बात कही। साथ ही उन्होंने भाजपा विधायक राजू तिवारी पर जातिगत टिप्पणी का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों को यह स्वीकार नहीं है कि दलित समाज का बेटा इतनी बड़ी शख्सियत बना।
राजू तिवारी ब्राह्मण हैं, इसलिए इस प्रकार हंगामा कर रहे हैं। इधर, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनके मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। विवाद के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही और माहौल काफी देर तक गर्माया रहा।