पटनाः बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इसको लेकर एनडीए के घटक दलों में लगातार बैठकें कर आगे की रणनीति तौयार की जा रही है। पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए विधायक दल की बैठक हुई तो शनिवार को पटना में भाजपा की कोर कमेटी की अहम बैठक हुई। जबकि देर शाम रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर ही बैठक होनी है। भाजपा कोर कमेटी की बैठक पार्टी के प्रदेश कार्यालय में हुई, जिसमें आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विजय शर्मा, नित्यानंद राय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और नगेंद्र जी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक खत्म होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए को सभी सहयोगी दलों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की स्थिति मजबूत है और गठबंधन पांचों सीटें जीतने जा रहा है।
हालांकि पांचवीं सीट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है और 16 मार्च को नतीजे आने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। बता दें कि 16 मार्च को राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान होना है। एनडीए की ओर से उम्मीदवारों में नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर (जदयू), नितिन नवीन और शिवेश राम (भाजपा) तथा उपेंद्र कुशवाहा (रालोमो) शामिल हैं।
बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में संख्या बल के आधार पर गठबंधन चार सीटें आसानी से जीत सकता है, जबकि पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दूसरी ओर राजद ने इस सीट के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इसी वजह से पांचवीं सीट के लिए मुकाबला एनडीए और राजद के बीच माना जा रहा है और इसके लिए मतदान होना तय है।
राजद को विपक्षी दलों के समर्थन की उम्मीद है। राजद के 25, कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और इंडियन पीपुल्स पार्टी के 1 विधायक को मिलाकर विपक्षी खेमे की संख्या 35 होती है। इसके अलावा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) के पांच विधायकों का समर्थन भी राजद उम्मीदवार को मिलने की संभावना जताई जा रही है।
हाल ही में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी, जिसे सकारात्मक बताया गया। इसके साथ ही बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक का समर्थन भी राजद उम्मीदवार को मिलने की चर्चा है। ऐसे में पांचवीं सीट की लड़ाई दिलचस्प हो गई है और 16 मार्च को मतदान के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस सीट पर एनडीए या राजद में से किसे जीत मिलती है।