पटनाः बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव को लेक सूबे की सियासत में इन दिनों गहमागहमी बनी हुई। चर्चा इस बात की चल रही थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। कारण कि पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की लंबे समय से यह मांग रही है कि निशांत सक्रिय राजनीति में आएं। इस बीच सूत्रों की मानें तो अगर निशांत राज्यसभा नहीं जाते हैं, तो खुद नीतीश कुमार बड़े सदन का रुख कर सकते हैं। सियासी हलकों में यह कयास भी लगाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए नीतीश कुमार दिल्ली की ओर रुख करें और बिहार में निशांत के नेतृत्व की नई पारी शुरू हो। कथित तौर पर निशांत कुमार को बिहार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। जदयू को अपने कोटे से राज्यसभा की दो सीटों के लिए प्रत्याशी उतारना है।
इसके लिए रामनाथ ठाकुर के साथ नीतीश कुमार के नामों की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। जदयू के एक वरिष्ट नेता ने निशांत कुमार की जगह किसी और का नाम सुझाया है। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता ने ऑफ द रिकॉर्ड कहा है कि अगर राज्यसभा जाना ही है तो नीतीश कुमार क्यों नहीं जा सकते? निशांत की अगर एंट्री हो रही है तो उन्हें राज्यसभा ही क्यों जाना होगा?
वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर निशांत की एंट्री राजनीति में जदयू के नेता करवा रहे हैं तो उन्हें बिहार की राजनीति करनी है, केंद्र की नहीं। नीतीश कुमार ने एनडीए और खास तौर पर जदयू के लिए जो विरासत पिछले दो दशक में बनाई है उसको आगे निशांत बढ़ाएंगे, तो फिर वे (निशांत) दिल्ली क्यों जाएंगे?
देखा जाए तो जदयू नेता ने इशारों-इशारों में संकेत दिया है कि अगर राज्यसभा जाना है तो निशांत की जगह नीतीश कुमार को जाना चाहिए। नीतीश कुमार के एमएलसी कोटे की सीट पर निशांत बिहार की राजनीति में सक्रिय होंगे। ऐसे में सवाल है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में बड़ा सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
ऐसे में जदयू नेता के दावे के बाद राजनीतिक जानकार बताते हैं कि निशांत की राजनीति में एंट्री निश्चित है और राज्यसभा तो नहीं लेकिन अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो निशांत बिहार मेंउपमुख्यमंत्री होंगे। जब पूछा गया कि मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा कब क्या फैसला ले कोई नहीं जानता।
अगर ऐसे सियासी समीकरण बने तो निश्चित तौर पर भाजपा चौंकाने वाला फैसला बिहार में ले सकती है। इस बीच जदयू ने अपने सभी विधायकों को बुधवार की शाम तक पटना पहुंचने का फरमान जारी कर दिया है। 5 मार्च तक नामांकन दाखिल होने हैं, जबकि 16 मार्च को मतदान होगा। ऐसे में राजधानी के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है।राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होना है।
एनडीए खेमे में लगभग तस्वीर साफ मानी जा रही है। भाजपा ने दो उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है नितिन नबीन और शिवेश राम। वहीं उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए का पांचवां उम्मीदवार बनाया गया है।दिलचस्प बात यह है कि 19 विधायकों वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को इस बार एक भी सीट नहीं मिली है, जिससे गठबंधन के भीतर हल्की नाराजगी की चर्चा भी है।