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बिहार में खेला रोकने की कोशिश?, विधायक आलोक कुमार सिंह होंगे राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष, डैमेज कंट्रोल...

By एस पी सिन्हा | Updated: January 30, 2026 15:07 IST

प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आलोक सिंह को देकर पार्टी में नेतृत्व संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है।लोकसभा चुनाव के दौरान रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

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ठळक मुद्देआलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी थी।माधव आनंद विधानसभा में रालोमो विधायक दल के नेता हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा पार्टी की सचेतक हैं।

पटनाः राष्ट्रीय लोक मोर्चा(रालोमो) के विधायकों के पार्टी छोड़ने की जारी सियासी अटकलों के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को पार्टी का डैमेज कंट्रोल करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उपेंद्र कुशवाहा ने दिनारा विधानसभा सीट से विधायक आलोक कुमार सिंह को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति किया है तो वहीं प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। साथ ही हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव और निवर्तमान प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगठन बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पटना में रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से पार्टी के वरिष्ठ नेता माधव आनंद और आलोक सिंह ने मुलाकात की थी। इसी बैठक में संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर चर्चा हुई और आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी थी।

फिलहाल माधव आनंद विधानसभा में रालोमो विधायक दल के नेता हैं। जबकि उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा पार्टी की सचेतक हैं। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आलोक सिंह को देकर पार्टी में नेतृत्व संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

वहीं तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रमेश कुशवाहा जदयू में शामिल हो गए थे। वहीं बेटे को मंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद विधायक नाराज चल रहे थे। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा ने विधायक दल के नेता माधव आनंद के बाद अब विधायक आलोक सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी है। आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है।

आलोक सिंह शाहाबाद क्षेत्र से आते हैं, जहां रालोमो अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है। साथ ही इसे जातीय संतुलन साधने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा जहां कुशवाहा समाज से आते हैं। वहीं, आलोक सिंह राजपूत समुदाय से हैं। ऐसे में कुशवाहा–राजपूत समीकरण के जरिए पार्टी अपने सामाजिक आधार का विस्तार करना चाहती है।

टॅग्स :उपेंद्र कुशवाहाबिहारपटना
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