पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत मंगलवार को सुपौल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के विकास कार्यों की चर्चा की और आने वाले पांच वर्षों के लिए अपनी सरकार का विजन भी जनता के सामने रखा। उन्होंने राजद शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 से पहले राज्य की स्थिति काफी खराब थी। लोग शाम होने के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे और कई जगहों पर अपराध और विवाद की घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय समाज में आपसी झगड़े भी अधिक होते थे, लेकिन अब बिहार में भय और असुरक्षा का माहौल खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद से लगातार विकास के काम किए गए हैं और बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है।
उन्होंने कहा कि 2005 से पहले समाज में आपसी झगड़े भी अधिक होते थे, लेकिन अब बिहार में भय और असुरक्षा का माहौल खत्म हो चुका है। नीतीश कुमार ने कहा कि पहले शिक्षा की स्थिति भी काफी खराब थी और बहुत कम बच्चे पढ़ाई कर पाते थे। अब राज्य में स्कूलों और शिक्षकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।
उन्होंने बताया कि बिहार में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या बढ़कर करीब 5 लाख 24 हजार हो गई है और आगे भी नियुक्तियां की जा रही हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बेहद खराब थी। पहले हर महीने औसतन केवल 39 मरीज ही इलाज के लिए आते थे, लेकिन अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औसतन 11 हजार 600 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देना, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और बिहार में उद्योग तथा बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित करना है। नीतीश कुमार ने कहा कि हमने बिहार में सारा का सारा काम पूरे तौर पर किया है। नीतीश कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में दोगुना रोजगार, दोगुनी आय- प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा।
महिलाओं को दो-दो लाख रुपए और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार के तहत अगले 5 सालों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जाएगा। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है। पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि- इसके लिए पहले से ही काम किया गया है।
इसमें और तेजी लाने के लिए अब नए बिहार विपणन प्रोत्साहक निगम की स्थापना की गई है। मखाना के उत्पादन को और बढ़ावा दिया जा रहा है। डेयरी और मछली पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य- राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं।
एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन-स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए जिला और प्रखंड के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जा रहा है। राज्य में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार- आधारभूत संरचनाओं को बेहतर किया जाएगा। शहरों का विकास किया जाएगा। 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण सड़कों को टू लेन बनाया जाएगा। इच्छुक लोगों के घर की छतों पर सोलर पैनल लगाए जायेंगे। टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
सबका सम्मान और जीवन आसान- आधुनिक तकनीक और अच्छे प्रशासन के माध्यम से राज्य के लोगों के जीवन को आसान बनाया जाएगा। बता दें कि समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री 10 से 14 मार्च तक सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस क्रम में 11 मार्च को वे किशनगंज और अररिया, 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया, 13 मार्च को सहरसा और खगड़िया तथा 14 मार्च को बेगूसराय और शेखपुरा जाएंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से मधेपुरा के लिए रवाना हो गए, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।