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बिहार में अप्रशिक्षित शिक्षक हो जाएंगे बेरोजगार, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, सैकड़ों लोग आ जाएंगे रोड पर!

By एस पी सिन्हा | Updated: January 6, 2023 20:18 IST

बिहारः प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने पत्र लिखकर बताया है कि अब राज्य में बिना ट्रेनिंग किए हुए शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे में नए साल में कइ शिक्षकों की नौकरी पर खतरा आ गया है।

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ठळक मुद्देनए साल में कई शिक्षकों की नौकरी पर खतरा आ गया है।विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।ट्रेनिंग से पहले की सेवा की गणना किसी भी प्रयोजन के लिए नहीं की जाएगी।

पटनाः दस लाख से अधिक लोगों को नौकरी देने का वादा करने वाली नीतीश सरकार अब सैकड़ों लोगों को रोड पर लाने की तैयारी में जुट गई है। दरअसल, बिहार सरकार ने अब अप्रशिक्षित शिक्षकों के सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार के तरफ से प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने पत्र लिखकर बताया है कि अब राज्य में बिना ट्रेनिंग किए हुए शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे में नए साल में कई शिक्षकों की नौकरी पर खतरा आ गया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार जिन्होंने प्रशिक्षण हासिल नहीं किया है, उन्हें हटाया जाएगा। इस संबंध में विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने पत्र लिखकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को यह सूचित किया है कि ऐसे शिक्षक जिन्होंने 19 अक्टूबर 2022 तक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है या अनुकंपा के आधार पर बिना ट्रेनिंग किए हुए ही नियुक्त हुए हैं उनकी सेवा को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए।

पत्र में कहा गया है कि इस कोटि के ऐसे शिक्षक ही सेवा में बने रहेंगे, जिन्होंने 31 मार्च 2019 के बाद और 19 अक्टूबर 2022 तक प्रशिक्षण हासिल कर लिया है। ऐसे सभी शिक्षकों को उनकी ट्रेनिंग पूरी करने की अवधि से नियुक्त माना जाएगा और उसी दिन से उनके सेवा की गणना की जाएगी। इनके ट्रेनिंग से पहले की सेवा की गणना किसी भी प्रयोजन के लिए नहीं की जाएगी।

इसके अलावा वैसे भी शिक्षक सेवा में बने रहेंगे, जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपेन स्कूलिंग या एससीईआरटी से सम्बद्ध होकर प्रशिक्षणचर्या पूर्ण कर उत्तीर्ण हुए हैं। लेकिन इंटर में 50 फीसदी अंक प्राप्त नहीं कर पाने के कारण उनका परीक्षा परिणाम रोका गया है। लेकिन इसी श्रेणी में भी प्रशिक्षण पूर्ण नहीं करने वाले या अनुत्तीर्ण रहने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी।

इसके अलावा 21 मार्च 2019 तक जिनके लिए परीक्षा का आयोजन नहीं हो पाया है, उनकी सेवा भी समाप्त की जाएगी। बाकी वैसे शिक्षक जो इग्नू द्वारा आयोजित डीपीई का 2 वर्षीय प्रशिक्षण हासिल किया है, लेकिन छह माह का ब्रिज कोर्स नहीं कर सके हैं। वे भी सेवा में बने रहेंगे।

लेकिन उन्हें विभाग द्वारा आयोजित छह माह के ब्रिज कोर्स में उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। छह माह का ब्रिज कोर्स नहीं करने वाले सेवा मुक्त शिक्षकों का अवसर मिलेगा। वे छह महिने का ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण कर लेने के बाद फिर से नियुक्त होंगे। उन्हें हटाई गई अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा

टॅग्स :बिहारनीतीश कुमारतेजस्वी यादव
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