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बिहार: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधायकों को दिया कड़ा संदेश, कहा- काम दिखाएं और टिकट पाएं

By एस पी सिन्हा | Updated: June 22, 2024 18:30 IST

बताया जाता है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के विधायकों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र में उपलब्धि दिखाएं, नहीं तो उनका टिकट कट जाएगा। दो महीने में अपने-अपने क्षेत्रों में काम करें। फिर कोई शिकायत नहीं सुनेंगे।

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ठळक मुद्देसमीक्षा बैठक में यह निकला कि कई सीटों पर आपसी खींचतान के कारण राजद को लोकसभा चुनाव में आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली नवादा, उजियारपुर, अररिया, पूर्णिया और सीवान जैसी कई सीटों पर पार्टी के वोट बैंक में विरोधी सेंध लगाने में हुए कामयाबविधायकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने इलाके में हुए काम को दिखाएं तभी उन्हें टिकट दिया जाएगा

पटना: बिहार की राजधानी पटना में राजद की ओर से पिछले दो दिन तक की गई समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कई सीटों पर आपसी खींचतान के कारण राजद को लोकसभा चुनाव में आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली। राजद की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई है कि नवादा, उजियारपुर, अररिया, पूर्णिया और सीवान जैसी कई सीटों पर पार्टी के वोट बैंक में विरोधी सेंध लगाने में कामयाब हो गए। ऐसे में कई सीटों पर मुस्लिम-यादव वोट बैंक के खिसकने की आहट के बाद राजद ने अब रणनीति में बदलाव का मन बना लिया है। विधायकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने इलाके में हुए काम को दिखाएं तभी उन्हें टिकट दिया जाएगा। 

बताया जाता है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के विधायकों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र में उपलब्धि दिखाएं, नहीं तो उनका टिकट कट जाएगा। दो महीने में अपने-अपने क्षेत्रों में काम करें। फिर कोई शिकायत नहीं सुनेंगे। वहीं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि विधायक और राजद के नेता व कार्यकर्ता तेजस्वी यादव की बातों को गंभीरता से लें। 

उधर, तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलग होने के बाद थोड़ी निराशा की स्थिति थी। लेकिन बिहार से ही भाजपा के खिलाफ संघर्ष शुरू हुआ और पूरे देश में गया। राजद का वोट बढ़ा, लेकिन सीटें कम हासिल हुई। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में 23 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राजद केवल चार सीटें जीत पाई। हालांकि, 2019 के मुकाबले इस बार के परिणाम को अच्छा कहा जा सकता है क्योंकि तब उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। राजद को इस चुनाव में 22.14 फीसद वोट मिले जबकि 2019 में उसे 15.7 फीसदी वोट मिले थे।

टॅग्स :तेजस्वी यादवबिहारआरजेडी
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