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नीतीश कुमार ने लालू यादव को फोन कर पूछा हालचाल, राजनीति में अटकलें हुई तेज

By एस पी सिन्हा | Updated: June 27, 2018 18:08 IST

बिहार में भाजपा के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाहा भी बगावती तेवर दिखाते रहे है। कल ही भाजपा का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने कहा था कि वोट के लिए एक टकराव का माहौल बनाया जा रहा है।

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पटना, 27 जून: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पूर्व सहयोगी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को एक अरसे बद याद किया है। नीतीश कुमार ने आज फोन कर लालू प्रसाद यादव से बातचीत की और उनकी सेहत का हाल जाना। लालू बीते कुछ समय से बीमार चल रहे हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में नीतीश के इस फोन के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इससे पहले कल नीतीश के सहयोगी रहे जीतन राम मांझी भी बयान दे चुके हैं कि महागठबंधन में नीतीश का स्वागत है लेकिन मुख्यमंत्री के उम्मीदवार तेजस्वी ही रहेंगे।

उधर, बिहार में भाजपा के सहयोगी रहे उपेंद्र कुशवाहा भी बगावती तेवर दिखाते रहे है। कल ही भाजपा का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने कहा था कि वोट के लिए एक टकराव का माहौल बनाया जा रहा है। जिससे कि वोटर जातीय और सांप्रदायिक आधार पर इधर से उधर हो। उन्होंने कहा था कि लोग काम के आधार पर वोट नहीं मांग रहे। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में इलाज के लिए गए लालू यादव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फोनकर उनकी सेहत का हालचाल पूछा। वैसे, उनके फोन कॉल के साथ ही चर्चा शुरू हो गई थीं कि वे राजद और जदयू दोबारा साथ आ सकते हैं हालांकि लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने महागठबंधन में नीतीश की वापसी की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि 'अब महागठबंधन में चाचा के लिए कोई जगह नहीं है।' बता दें कि चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्यगत कारणों से जमानत पर रिहा हैं और मुंबई के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। रविवार को उनका एक ऑपरेशन भी किया गया था।

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नीतीश कुमार द्वारा लालू का हालचाल पूछे जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा है कि रविवार को उनका (लालू यादव) का फिस्टुला का ऑपरेशन हुआ था, ऐसे में उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए कॉल किया था और कुछ नहीं। अस्पताल में भर्ती होने के 4 महीने बाद आश्चर्यजनक रूप से नीतीश जी को उनके खराब स्वास्थ्य के बारे में पता चला। मैं उम्मीद करता हूं कि वह महसूस करेंगे कि वोभाजपा/ एनडीए मंत्रियों के अस्पताल में लालू जी का हालचाल पूछने वाले अंतिम राजनेता हैं। जानकारों का कहना है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव ने जातिगत जनगणना और आरक्षण को अपना प्रमुख हथियार बनाया था। जिसमें एनडीए ऐसा उलझा कि महागठबंधन की सरकार बन गई। लेकिन चारा घोटाला मामले में जेल जाने के कारण लालू सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं। इधर नीतीश कुमार ने चुनावी पिच पर फ्रंट फुट पर आकर बैटिंग करनी शुरू कर दी है।'

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