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बिहार: आदित्य ठाकरे-तेजस्वी यादव की मुलाकात पर भाजपा हुई हमलावर, तंज कसते हुए कहा, "यदि बाल ठाकरे जिंदा होते तो बहुत दुखी होते"

By एस पी सिन्हा | Updated: November 23, 2022 19:59 IST

पटना में आदित्य ठाकरे और तेजस्वी यादव की मुलाकात पर हमलावर बिहार भाजपा ने जोरदार तंज कसते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे दरअसल तेजस्वी यादव से मिलकर भ्रष्टाचार का गुर सीखने आये हैं।

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ठळक मुद्देभाजपा शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और राजद नेता तेजस्वी यादव की मुलाकात पर हुई हमलावरभाजपा ने कहा कि आदित्य ठाकरे यहां तेजस्वी यादव से मिलकर भ्रष्टाचार के गुर सीखने आये थे यदि आज बाला साहब ठाकरे यदि जिंदा होते तो इस मुलाकात पर बेहद दुखी होते

पटना: शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और राजद नेता तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात से बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। इस मुलाकात को लेकर बिहार भाजपा के तरफ से तेजस्वी यादव पर जोरदार तंज कसा गया है। पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने ठाकरे और तेजस्वी की इस मुलाक़ात को लेकर कहा कि आदित्य ठाकरे दरअसल तेजस्वी यादव से मिलकर भ्रष्टाचार का गुर सीखना चाहते हैं, इसलिए ये यहां आये थे।

उन्होंने कहा कि यदि आज बाला साहब ठाकरे यदि जिंदा होते तो बेहद दुखी होते। जीवेश मिश्रा ने कहा कि आज जो मूल शिव सैनिक हैं, वो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं, ये लोग तो शिवसेना से भटके हुए लोग हैं। आज ये लोग शिवसेना की नीतियों के खिलाफ, बाला साहब के उद्देश्य के खिलाफ जाकर तेजस्वी यादव से मुलाकात किया है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुझे तो यह समझ नहीं आता है कि आदित्य ठकारे ने तेजस्वी से क्या सीखा? आखिकार तेजस्वी ने ऐसा क्या कमाल कर दिया कि आदित्य ठाकरे को उनसे सीखने आना पडा। इसका अर्थ तो सिर्फ यही है कि पिछले 33 वर्षों में उन्होंने जो भ्रस्टचार किया है, उसी के बारे में और उसी को सिखने ठाकरे भी बिहार आये थे। ठाकरे बिहार घूमने आये थे क्योंकि बिहार में पर्यटक कम हो गए हैं।

जीवेश मिश्रा ने  मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे विपक्षी एकता को लेकर कहा कि उनकी एकता को कुछ दिन पहले कैबिनेट बैठक के दौरान ही देखने को मिल गई, जब दो मंत्री आपस में भीड़ गए। इसलिए पहले मुख्यमंत्री को बिहार के अंदर ही मजबूती लानी होगी, जब उसी में सफल नहीं हो रहे हैं तो फिर बहार के बारे में सोचना ही बंद कर देना चाहिए।

वहीं, भाजपा नेता व विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने कहा कि यह कोई विपक्षी एकता नहीं। यह बेटायों का मुलाक़ात है, कोई नेताओं का मुलाकात नहीं है। यह परिवारवादी लोगों का एक मुलाकात है। उन्होंने ये वहीं लोग हैं, जिनके पिता अब रिटायर कर रहे हैं और बेटा उनकी कुर्सी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों में कोई भी युवा नेता नहीं बल्कि युवा बेटा हैं। नेता की बात किया जाए तो वो लालू यादव थे। ये लोग तो बिना स्टैंड के नेता है।

टॅग्स :Bihar BJPतेजस्वी यादवबाल ठाकरेBal Thackeray
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