पटना: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे ही राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी बढ़ती नजर आ रही है। इस बीच लोकनीति-CSDS (Lokniti-CSDS) ने एक प्री-पोल कर लोगों को के मन की बात जानने की कोशिश की है।
लोकनीति-CSDS पोल बताता है कि नीतीश कुमार को बिहार एक मौका और दे सकता है। प्री-पोल के मुताबिक, नीतीश के एनडीए गठबंधन को 38 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं, तेजस्वी यादव के महागठबंधन को 32 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। 6 दलों वाले गठबंधन ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्यूलर फ्रंट (GDSF) को 7 प्रतिशत, जबकि चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी को 6 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। यानी चुनावी रेस में नीतीश कुमार सबसे आगे हैं। उन्हें अभी कोई खतरा नहीं है।
NDA को 133 से 143 सीटें मिल सकती हैं
इस प्री-पोल के मुताबिक बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए को 133 से 143 सीट मिल सकती हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। यानी बहुमत के आंकड़े तक आराम से नीतीश पहुंच सकते हैं। वहीं, तेजस्वी के महागठबंधन को 88 से 98 सीटें मिल सकती हैं। चिराग की एलजेपी 2 से 6 सीटों पर ही सिमट सकती है।
विकास और बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा
जब लोगों से पूछा गया कि मतदान करते समय आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा क्या होगा? तो सबसे ज्यादा 29 प्रतिशत लोगों ने विकास को महत्वपूर्ण मुद्दा माना जबकि 20 प्रतिशत लोगों के लिए बेरोजगारी सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसके लिए वो वोट करना चाहेंगे। गौर करने वाली बात ये है कि शिक्षा सिर्फ 7 प्रतिशत लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। 11 प्रतिशत लोग इंफ्लेशन और 6 प्रतिशत लोगों ने गरीबी को महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा माना।