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Bihar assembly elections 2020:प्लूरल्स पार्टी की याचिका, निर्वाचन आयोग से जवाब, जानिए क्या है मामला

By भाषा | Updated: October 20, 2020 21:17 IST

प्लूरल्स पार्टी की बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ‘चैस बोर्ड’ का समान चुनाव-चिह्न देने के अनुरोध वाली याचिका पर मंगलवार को चुनाव आयोग से जवाब मांगा। बिहार विधानसभा के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा।

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ठळक मुद्देन्यायमूर्ति जयंत नाथ ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को नोटिस जारी किया और चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा। उम्मीदवारों को ‘चैस बोर्ड’ का एक जैसा चुनाव-चिह्न या पार्टी द्वारा चुने गये अन्य कोई चुनाव-चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।उच्च न्यायालय को यह भी बताया गया कि बिहार चुनाव के तीसरे चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है।

नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने नवगठित राजनीतिक दल प्लूरल्स पार्टी की बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ‘चैस बोर्ड’ का समान चुनाव-चिह्न देने के अनुरोध वाली याचिका पर मंगलवार को चुनाव आयोग से जवाब मांगा। बिहार विधानसभा के लिए तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा।

न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को नोटिस जारी किया और चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की। वकील जतन सिंह के माध्यम से दाखिल याचिका में पार्टी ने आयोग को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि चुनाव लड़ने के लिए पार्टी द्वारा तय किये गये सभी उम्मीदवारों को ‘चैस बोर्ड’ का एक जैसा चुनाव-चिह्न या पार्टी द्वारा चुने गये अन्य कोई चुनाव-चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।

उच्च न्यायालय को यह भी बताया गया कि बिहार चुनाव के तीसरे चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है। हालांकि ईसीआई की ओर से वकील सिद्धांत कुमार ने याचिका की विचारणीयता पर प्रारंभिक आपत्ति प्रकट की। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक दलों के पंजीकरण के कानून, नियमों और नियमनों का पालन किये जाने के बावजूद चुनाव आयोग ने प्लूरल्स पार्टी को 13 अक्टूबर को पंजीकृत किया।

राजनीतिक दल को समय पर पंजीकृत करने का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव लड़ना था। हालांकि चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख आठ अक्टूबर को ही निकल चुकी है। वकील अमित कुमार शर्मा और सत्यम सिंह के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया, ‘‘भारत जैसे देश में जहां कि मतदाता विविध सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमियों से आते हैं, वहां एक चुनाव-चिह्न एकता की भावना को बल प्रदान करता है।’’

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव 2020चुनाव आयोगदिल्ली हाईकोर्टपुष्पम प्रिया चौधरी
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