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Bihar assembly elections 2020: कांग्रेस सूची पर असंतोष, सोनिया और राहुल को करना पड़ा हस्तक्षेप, रसूखदार लोग बेच रहे टिकट!

By शीलेष शर्मा | Updated: October 9, 2020 21:32 IST

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पचासों शिकायतें मिली हैं कि  नामों को तय करने वाली चुनाव समिति को किनारे रख कर पार्टी के कुछ रसूखदार लोग पैसे लेकर टिकटों को बेच रहे हैं। 

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ठळक मुद्देप्रकाशित नहीं करना नामों की अनुसंशा में हुए घोर पक्षपात और धांधली की बात को मज़बूती प्रदान कर रहा है।  नामांकन पत्रों के दाखिल होते ही पार्टी के नेताओं का आक्रोश बाहर निकल कर आ गया।  चहेते उम्मीदवारों को आनन-फानन में नामांकन करा दिया जाए और जो घालमेल हो रहा है उससे बचा जा सके।

नई दिल्लीः बिहार विधान सभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरू कर दिए हैं, लेकिन पार्टी की राज्य इकाई में भारी असंतोष उफान रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पचासों शिकायतें मिली हैं कि  नामों को तय करने वाली चुनाव समिति को किनारे रख कर पार्टी के कुछ रसूखदार लोग पैसे लेकर टिकटों को बेच रहे हैं।  

हालाँकि कांग्रेस में यह कोई नयी बात नहीं है क्योंकि जब उम्मीदवारों के नाम तय होते हैं, तब-तब इस तरह की शिकायतें पार्टी नेतृत्व को मिलती रही हैं।बिहार में यह मुद्दा इसलिए गंभीर हो गया है क्योंकि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि  केंद्रीय चुनाव समिति से नाम स्वीकृत हो जाने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व की सलाह पर उसे प्रकाशित नहीं करना नामों की अनुसंशा में हुए घोर पक्षपात और धांधली की बात को मज़बूती प्रदान कर रहा है।  

सूत्र बताते हैं कि  यह मुद्दा इसलिए उठा क्योंकि पार्टी के सीएलपी लीडर सदानंद बाबू ने नाम घोषित होने से पहले ही अपने चहेते नेताओं से नामांकन पत्र दाखिल करा दिया।  इन नामांकन पत्रों के दाखिल होते ही पार्टी के नेताओं का आक्रोश बाहर निकल कर आ गया।  

पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता का कहना था कि  ऐसा पहली बार हो रहा है जब नाम तय हो जाने के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया, महज इस कारण कि अपने चहेते उम्मीदवारों को आनन-फानन में नामांकन करा दिया जाए और जो घालमेल हो रहा है उससे बचा जा सके। पार्टी के कुछ नेताओं का यह भी आरोप है कि  राज्य में प्रदेश चुनाव समिति  की  न तो कोई बैठक हुई और ना ही नामों का पैनल तैयार किया गया जिसके कारण स्क्रीनिंग कमेटी के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता सदानंद बाबू मिलकर अपने अपने पसंद के उम्मीदवारों के नामों की अनुसंशा करने में जुटे हैं।  

पार्टी सूत्र बताते हैं कि  सोनिया और राहुल ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए , राज्य  के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।  माना जा रहा है कि  रिपोर्ट मिल जाने के बाद सोनिया गाँधी कुछ नामों में बदलाव कर सकती हैं। 

टॅग्स :बिहार विधान सभा चुनाव 2020कांग्रेसआरजेडीसोनिया गाँधीराहुल गांधी
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