पटनाः बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने गृह विभाग से संबंधित सवाल पर सरकार को घेरते हुए कई सवालों की बौछार करते हुए जमकर हमला बोला। इसी क्रम में भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के बहाने कुछ विदेशी नागरिक बिहार आते हैं और बाद में अवैध रूप से भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेज हासिल कर लेते हैं। मिथिलेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 1990 से 2015 के बीच 173 विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से गोपालगंज पहुंचे थे।
जबकि जिले में थावे मंदिर के अलावा कोई बड़ा धार्मिक स्थल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई लोग आज गोपालगंज में आलीशान मकान बनाकर रह रहे हैं और उनके नाम वोटर आईडी तथा आधार कार्ड में भी दर्ज हैं। जबकि स्थानीय लोगों को यह तक पता नहीं है कि वे मूल रूप से कहां के निवासी हैं?
इस पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि बताए गए 173 लोगों में से करीब 168 पाकिस्तान से आए थे। जबकि कुछ अन्य ब्रिटेन और कजाकिस्तान से भी आए थे। गृह मंत्री ने कहा कि यदि इन लोगों के अवैध रूप से रहने या इससे अपराध बढ़ने की आशंका है, तो सरकार इस पूरे मामले की जांच कराएगी। मंत्री ने बताया कि विभाग इस दिशा में सतर्क है।
यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा देश में कोई गलत कार्य न हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है और ऐसे सभी मामलों की निगरानी की जाती है। हालांकि, विधायक तिवारी ने सदन में यह चिंता जताई कि स्थानीय स्तर पर ऐसे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं हो पाती और उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
इसी दौरान गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत प्रतिनिधियों को हथियार लाइसेंस दिए जाने के मामले में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब मुखिया, प्रमुख सहित पंचायत प्रतिनिधियों को गन लाइसेंस देने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जाएगी। दिनारा से विधायक आलोक सिंह के सवाल पर गृह मंत्री ने बताया कि लाइसेंस मिलने में हो रही देरी को लेकर गृह विभाग जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगा।
नए निर्देशों के तहत तय 60 दिनों के भीतर लाइसेंस जारी करने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। उधर, बिहार में नए जिलों और अनुमंडलों की मांग करने वालों को बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राज्य में किसी भी नए जिले का गठन नहीं किया जाएगा।
मंत्री विजय चौधरी ने सदन में बताया कि इस संबंध में सरकार के पास अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी उन्होंने पारू से विधायक शंकर प्रसाद द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी। मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासनिक ढांचे में नए जिले जोड़ने को लेकर सरकार की कोई योजना नहीं है। वहीं, भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने अपनी ही सरकार पर जबर्दस्त हमला बोला।
जीवेश मिश्रा ने इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई तीखे सवाल पूछे और सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए। जिसे सुन सभी सत्ता पक्ष के नेता असहज नजर आएं। सदन में भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए थाना भवनों की स्थिति, कर्मियों के आवास-महिला सिपाहियों के लिए बैरक निर्माण में हो रही देरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ यह दावा करती है कि कई थानों के भवन न तो पुराने हैं और न ही जर्जर, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं भवनों की मरम्मत के लिए 6 लाख रुपये की राशि क्यों दी गई। उन्होंने पूछा कि जब भवन ठीक हैं तो मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन भवनों की मरम्मत के लिए राशि दी गई है, उनकी स्थिति की जांच कराई जाएगी और जहां भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वो महिला बैरक बनाने जाए को लेकर भी देख लेंगे। दो भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी दोषी बचेगा नहीं। हालांकि जीवेश मिश्रा इस पर भी शांत नहीं हुए वो लगातार ठोस कार्रवाई की मांग करते रहे, जिसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि वो जीवेश मिश्रा के साथ जाकर इस मामले को देख लेंगे।
जबकि कब्रिस्तान की घेराबंदी को लेकर विपक्षी नेताओं ने भारी बवाल किया। एआईएमआई नेता कब्रिस्तान की घेराबंदी को लेकर सवाल कर रहे थे। जिस पर जवाब देते हुए गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि, राज्य में अब विधायक फंड से कब्रिस्तान की घेराबंदी होगी। सरकार इसके लिए प्रावधान बदल रही है। मो सरवर आलम ने सवाल पर इस बात की जानकारी दी गई है।