पटना: बिहार में मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद नीतीश कुमार पटना में अपना नया ठिकाना बदलने वाले हैं। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग को छोड़कर 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होने की तैयारी में हैं।
बता दें 7 सर्कुलर रोड पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड के करीब होने से राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। दरअसल, 7 सर्कुलर रोड और राबड़ी आवास के बीच की दूरी महज करीब 200 मीटर बताई जा रही है। ऐसे में सियासत के दो पुराने किरदार अब लगभग एक ही मोहल्ले में दिखाई दे सकते हैं।
वैसे बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला देने का नियम अब नहीं है। पहले ऐसी व्यवस्था थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस पर रोक लग गई। फिर भी सरकार चाहे तो पूर्व मुख्यमंत्री को किराये पर आवास उपलब्ध करा सकती है।
ऐसे में यह संभव है कि निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री बनने की स्थिति में यह बंगला उनके नाम पर आवंटित कर दी जाए। दिलचस्प बात यह है कि 7 सर्कुलर रोड का यह बंगला खुद नीतीश कुमार की देखरेख में तैयार हुआ था। इस भवन को भूकंप रोधी तकनीक से बनाया गया है, ताकि तेज झटकों को भी झेल सके।
इसके विशाल लॉन में खास तौर पर कोलकाता से मंगाकर घास लगाई गई थी, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है। राजनीतिक इतिहास देखें तो 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी थी, तब वह इसी 7 सर्कुलर रोड में रहने आ गए थे।
बाद में इसी बंगले से उन्होंने सियासी रणनीति बनाते हुए सत्ता में वापसी की और 2015 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर दोबारा मुख्यमंत्री बने। अब अगर नीतीश कुमार फिर से 7 सर्कुलर रोड का रुख करते हैं,तो पटना की सियासत में यह सिर्फ घर बदलने की कहानी नहीं होगी, बल्कि सत्ता के नए समीकरणों की शुरुआत भी मानी जा सकती है।