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कोयला घोटाले में आरोपी पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारी की जमानत याचिका खारिज

By भाषा | Updated: May 28, 2021 18:56 IST

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नयी दिल्ली, 28 मई कोयले की चोरी से जुड़े धन शोधन के एक मामले के संबंध में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा को दिल्ली की एक अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।

इसके साथ ही अदालत ने कहा कि मिश्रा का काम अवैध गतिविधियों को रोकना था लेकिन ऐसा लगता है कि वह खुद अवैध कोयला माफिया के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

बांकुड़ा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक मिश्रा को तीन अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। मामला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भांजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ा है जिसमें ईडी का आरोप है कि राज्य में हुए अवैध कोयला खनन से अभिषेक के परिवार को फायदा पहुंचा। एजेंसी का आरोप है कि यह राजनीतिक संरक्षण के कारण संभव हो पाया।

विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।

न्यायाधीश ने 22 मई को पारित आदेश में कहा कि मामले की जांच के दौरान में अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि आरोपी सौ करोड़ रुपये से अधिक के धन शोधन के अपराध में शामिल था।

न्यायाधीश ने मिश्रा के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा की दलीलें अस्वीकार करते हुए कहा, “जब अपराध हुआ, तब वह (आरोपी) बांकुड़ा पुलिस थाने में प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे। उनका काम अवैध गतिविधियों को रोकना था लेकिन ऐसा लगता है कि वह खुद अवैध कोयला माफिया के साथ मिल गये। उनके विरुद्ध आरोप बेहद गंभीर हैं।”

उन्होंने कहा, “हालांकि उसके देश छोड़ कर भागने की संभावना नहीं है, लेकिन यदि जमानत दे दी गई तो इसकी आशंका है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के कारण वह प्रत्यक्षदर्शियों को प्रभावित कर सकता है और मामले की जांच में हस्तक्षेप कर सकता है।”

मिश्रा पर आरोप है कि उनके संबंध घोटाले के मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला से हैं।

ईडी के विशेष लोक अभियोजक अमित महाजन और नीतेश राणा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने माजी से 168 करोड़ रुपये लिए थे जिसके बारे में बताया जा रहा है कि उसने दिल्ली और विदेश में स्थानांतरित कर दिया है।

वकील ने कहा. “आवेदनकर्ता ने ईडी को दिए बयान में खुद कहा है कि वह गैर बैंकिंग माध्यमों से भारत से लंदन पैसा भेजने में शामिल रहा है।”

आदेश में अदालत ने यह भी कहा कि धन शोधन कानून के तहत आने वाले अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर माने जाते हैं इसलिए जमानत के मामले में इन्हें अलग तरीके से देखा जाता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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