अयोध्या केस की सुनवाई शुक्रवार को भी सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी संवैधानिक बेंच ने सप्ताह के पांचों दिन किसी केस की सुनवाई करने का फैसला किया हो। अमूमन सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच सप्ताह में तीन दिन ही सुनवाई करता है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अयोध्या भूमि विवाद में तीसरे दिन की सुनवाई समाप्त होने पर दोनों पक्षों के वकीलों को सूचित किया कि वह शुक्रवार को भी सुनवाई करेगी।
शीर्ष अदालत की प्रक्रिया के मानदंडों के अनुसार सोमवार और शुक्रवार को रजिस्ट्री नये मामले, लंबित मामलों में आवेदन और नोटिस जारी होने के बाद की याचिकाओं को विभिन्न पीठ के समक्ष सुनवाई के लिये सूचीबद्ध करती है। संविधान पीठ के समक्ष रोजाना सुनवाई के मामले सिर्फ तीन दिन-मंगलवार से बृहस्पतिवार-सूचीबद्ध होते हैं।
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का मध्यस्थता के जरिये सर्वमान्य समाधान खोलने के प्रयास विफल होने के बाद शीर्ष अदालत ने इस प्रकरण की छह अगस्त से दैनिक आधार पर सुनवाई करने का निश्चय किया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर संविधान पीठ ने मंगलवार छह अगस्त को सुनवाई शुरू की थी।
09 Aug, 19 01:48 PM
मुस्लिम पक्ष के वकील के तर्क
संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। धवन ने कहा कि शीर्ष अदालत इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के बाद पहली अपील पर सुनवाई कर रही है और इसलिए इसमें जल्दबाजी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पहली अपील में दस्तावेजी साक्ष्यों का अध्ययन करना होगा। अनेक दस्तावेज उर्दू और संस्कृत में हैं जिनका अनुवाद करना होगा। उन्होंने कहा कि संभवत: न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश ने उच्च न्यायालय का फैसला नहीं पढ़ा होगा। धवन ने कहा कि अगर न्यायालय ने सभी पांच दिन इस मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया है तो वह इस मामले से अलग हो सकते हैं। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हमने आपके कथन का संज्ञान लिया है। हम शीघ्र ही आपके पास आयेंगे।’’
09 Aug, 19 11:20 AM
अयोध्या भूमि विवाद मामले पर रोजाना सुनवाई से ऐतराज
अयोध्या भूमि विवाद मामले पर रोजाना सुनवाई पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने ऐतराज जताया है। उनकी तरफ से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि ऐसी अफवाह है कि कोर्ट पांचों दिन सुनवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वो कोर्ट की पूरी मदद नहीं कर पाएंगे और खुद को केस से अलग कर लेंगे। इस पर मुख्य न्यायधीश ने कहा कि वो बाद में इस बारे में सूचित करेंगे।