गुवाहाटीः भाजपा ने असम चुनाव 2026 के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य लोग भी यहां उपस्थित रहे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि.आज केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि असम के विकास के लिए भारत सरकार और असम सरकार एकजुट होकर काम करेंगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भाजपा का घोषणापत्र जारी किया।
मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की सुरक्षा और बुनियादी ढांचा के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है। भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे किए गए हैं, जिनमें बांग्लादेशी मियांओं से अतिक्रमित जमीन वापस लेना, समान नागरिक संहिता लागू करना, राज्य का विकास सुनिश्चित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि, "हम मौजूदा लाभार्थियों को दूसरे चरण में 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना चाहते हैं और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना का विस्तार करके 40 लाख लखपति बाईदेवियों का सृजन करना चाहते हैं, हम ओरुनोदोई योजना के तहत मासिक सहायता राशि को 1250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "मेरा स्पष्ट आरोप है कि आपको (गौरव गोगोई) पाकिस्तान, ब्रिटेन में स्थित संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी चुनाव आयोग (ईसीआई) को देनी चाहिए। हमारे पास बहुत सारी जानकारी है। सरमा ने कहा, "हम 'एक ज़िला, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय, एक इंजीनियरिंग कॉलेज' बनाना चाहते हैं।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भाजपा का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की सुरक्षा और बुनियादी ढांचा के लिए पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है। भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे किए गए हैं, जिनमें बांग्लादेशी मियांओं से अतिक्रमित जमीन वापस लेना, समान नागरिक संहिता लागू करना, राज्य का विकास सुनिश्चित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल हैं। घोषणापत्र “राज्य के एक दशक के परिवर्तन पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में हासिल नहीं कर पाई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूर्वोत्तर के दीर्घकालिक विकास पर कोई ध्यान नहीं था। सीतारमण ने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के दौरान व्यापक विकास हुआ और कई युवा असमियों ने “मजबूरी नहीं, बल्कि अवसरों के कारण” विदेश से नौकरी छोड़कर असम लौटना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम में शांति बहाल की और विकास केवल स्थिरता होने पर ही संभव है।
सीतारमण ने यह भी कहा कि “कांग्रेस की नीतियों के कारण असम 32 साल तक अफस्पा के अधीन रहा, लेकिन भाजपा ने अधिकांश राज्यों से इस कानून को हटवाया।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गरीटा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य के कैबिनेट मंत्री और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे। राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को चुनाव होना है, जबकि मतगणना चार मई को होगी।