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अशोक गहलोत सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों को दिए निर्देश, कहा- निर्धारित दरों पर करें कोरोना मरीजों का उपचार

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 27, 2020 06:50 IST

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि महामारी अध्यादेश के अनुसार कोविड के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए निजी चिकित्सालयों को भी अलग से कोविड वार्ड बनाना अनिवार्य है। प्रदेश के विभिन्न निजी चिकित्सा संस्थानों में बिना लक्षणों के कोविड संक्रमित मरीज एडमिट हैं।

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ठळक मुद्देप्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर कोविड संक्रमितों का उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं।कोरोना वायरस से लड़ने में निजी संस्थान अच्छी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन कुछ संस्थान कोविड मरीजों के लिए संवदेनशील नहीं है।

जयपुर: राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर कोविड संक्रमितों का उपचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि कोरोना वायरस से लड़ने में निजी संस्थान अच्छी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन कुछ संस्थान कोविड मरीजों के लिए संवदेनशील नहीं है। सभी निजी चिकित्सालयों को निर्धारित दरों पर उपचार करना अनिवार्य है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीजों का प्राथमिकता से उपचार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभागीय मुख्यालयों पर स्थित 80 बैडेड निजी अस्पतालों पर 30 प्रतिशत बैड कोविड केयर के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं अजमेर और बीकानेर के 60 बैडेड निजी चिकित्सालयों में भी 30 फीसद बैड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। 

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि महामारी अध्यादेश के अनुसार कोविड के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए निजी चिकित्सालयों को भी अलग से कोविड वार्ड बनाना अनिवार्य है। प्रदेश के विभिन्न निजी चिकित्सा संस्थानों में बिना लक्षणों के कोविड संक्रमित मरीज एडमिट हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज जो ठीक या रिकवर हो रहे हैं, उन्हें अस्पतालों में ना रखकर उन्हें कोविड केयर सेंटर या होम क्वारंटाइन किया जाए ताकि मरीजों को अस्पताल में बैड उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस बारे में सभी संभागीय मुख्यालय के चिकित्सा संस्थानों और जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए जा चुके हैं। 

डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार कोविड को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और सतर्क है लेकिन आमजन को भी कोविड के प्रति लापरवाही छोड़कर सतर्कता अपनानी होगी। कुछ लोग अभी कोविड में लापरवाही बरतकर कोविड को हल्के में ले रहे हैं। कोविड का अभी ना कोई वैक्सीन आया है और ना ही कोई दवा ईजाद हुई है। इसे मास्क लगाकर और हैल्थ  प्रोटोकॉल की पालना करके ही हराया जा सकता है।

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