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राजस्थानः शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रियों को विभाग वितरण के लिए रस्साकशी, कांग्रेस आलाकमान ने इन्हें सौंपी जिम्मेदारी

By धीरेंद्र जैन | Updated: December 25, 2018 20:46 IST

राजस्थान सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में अब महत्वपूर्ण विभागों को लेकर खींचतान आरंभ हो गई है। जिन विभागों पर सभी की नजर है उन्हें संभालना अत्यन्त चुनौती पूर्ण है। इससे पूर्व भाजपा सरकार में इन विभागों में रहे मंत्रियों की कार्य रिपोर्ट सहीं न रहने के कारण इस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 

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राजस्थान में मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के बाद अब विभाग वितरण को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के चयन के बाद किस मंत्री को कौनसा विभाग दिया जाएगा इसका फैसला करने के लिए राहुल गांधी मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को अधिकृत किया है कि वे आपस में बैठकर तय कर लें कि किस मंत्री को कौनसा विभाग देना है और किसी भी समय दोनों नेता आपसी सहमति से मंत्रियों के विभागों की घोषणा कर सकते हैं। 

राजस्थान सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में अब महत्वपूर्ण विभागों को लेकर खींचतान आरंभ हो गई है। जिन विभागों पर सभी की नजर है उन्हें संभालना अत्यन्त चुनौती पूर्ण है। इससे पूर्व भाजपा सरकार में इन विभागों में रहे मंत्रियों की कार्य रिपोर्ट सहीं न रहने के कारण इस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। 

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत महत्वपूर्ण विभाग अनुभवी मंत्रियों को देना चाहते हैं, ताकि उनके अनुभव का लाभ ले आमजन के रुके हुए कामों को जल्द से जल्द पूर्ण कर सकें। वहीं, सचिन पायलट युवा लोगों को ये विभाग दिये जाएं इस हेतु दबाव बना रहे हैं। 

ऐसा माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह ही वित्त विभाग इस बार भी गहलोत अपने पास रखेंगे और जनसंपर्क विभाग भी उनके पास रह सकता है। पिछली भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर पायलट ने अनेकों बार सरकार को घेरा था, वे समग्र राजस्थान का दौरा कर चुके हैं और अनुभवी भी हैं इसलिए यह संभव है गृह विभाग सचिन पायलट के पास रहे क्योंकि मुख्यमंत्री के बाद किसी भी राज्य में कानून-व्यवस्था का जिम्मा सर्वाधिक अहम होता है। 

खान विभाग भी सचिन पायलट के पास रह सकता है। खाद्य आपूर्ति के लिए भंवरलाल मेघवाल और अर्जुन बामनिया का नाम चर्चा में है।  महिला बाल विकास विभाग के लिए एक मात्र महिला मंत्री ममता भूपेश का नाम लगभग तय माना जा रहा है। 

वहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, उद्योग, शहरी विकास, यातायात, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा एवं शिक्षा आदि ऐसे अहम विभाग हैं जिनके वितरण को लेकर खासी मशक्कत और खींचतान हो रही है। जल्द ही आलाकमान मंत्रियों के विभागों की घोषणा करेंगे ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। 

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