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जवान ने ली 23 जून को छुट्टी, वह न तो घर पहुंचा और न ही छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर, 20 दिनों से लापता

By भाषा | Updated: July 19, 2019 20:48 IST

हालांकि, परिजनों को इसका पता तब चला जब छुटटी खत्म होने के बाद डयूटी पर नहीं पहुंचे जवान के बारे में पता करने के लिये उसकी यूनिट के सदस्यों ने उसके घर फोन किया। जवान के लापता होने की बात पता चलते ही उसके परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल हो गया है।

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ठळक मुद्देधीरज सिंह ने बीती 23 जून को घर जाने के लिए छुट्टी ली लेकिन वह न तो घर पहुंचा और न ही छुट्टी खत्म होने के बाद वह ड्यूटी पर पहुंचा।धीरज 2017 में 9वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुआ था और इन दिनों वह अरुणाचल प्रदेश व पश्चिम बंगाल के बार्डर सिलीगुड़ी में तैनात था।

बीस दिन पहले छुटटी लेकर सिलीगुडी से घर के लिये रवाना हुआ नौवीं गढ़वाल राइफल में तैनात उत्तराखंड के टिहरी जिले के धौलागिरी गांव का निवासी जवान रास्ते में ही लापता हो गया।

हालांकि, परिजनों को इसका पता तब चला जब छुटटी खत्म होने के बाद डयूटी पर नहीं पहुंचे जवान के बारे में पता करने के लिये उसकी यूनिट के सदस्यों ने उसके घर फोन किया। जवान के लापता होने की बात पता चलते ही उसके परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल हो गया है।

जानकारी के अनुसार, टिहरी जिले के जौनपुर ब्लाक के सकलाना पट्टी के धौलागिरी गांव के रहने वाले धीरज सिंह ने बीती 23 जून को घर जाने के लिए छुट्टी ली लेकिन वह न तो घर पहुंचा और न ही छुट्टी खत्म होने के बाद वह ड्यूटी पर पहुंचा। इस बात का पता परिजनों को तब चला जब यूनिट से फोन आया कि धीरज ने छुट्टी पूरी होने के बाद ज्वाइनिंग नहीं दी है और न ही उसका मोबाइल फोन मिल रहा है।

इसके बाद से घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने शासन-प्रशासन से उसे खोजने की गुहार लगाई है। धीरज 2017 में 9वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुआ था और इन दिनों वह अरुणाचल प्रदेशपश्चिम बंगाल के बार्डर सिलीगुड़ी में तैनात था।

उसके पिता रमेश सिंह ने बताया कि धीरज ने 23 जून से 13 जुलाई तक 20 दिनों की छुट्टी ली थी और वह घर के लिए निकला था। लेकिन यह बात धीरज ने अपने घर वालों को नहीं बताई। धीरज हमेशा की तरह परिजनों से फोन पर बात करता रहा और ऐसे में परिजनों को लगा कि वह ड्यूटी पर ही होगा और वहीं से बातचीत कर रहा है।

लेकिन पिछले एक हफ्ते से धीरज की घर वालों से कोई बात नहीं हुई। इसी बीच डयूटी पर न पहुंचने पर उसकी यूनिट के अधिकारियों ने उसके मोबाइल पर संपर्क न हो पाने पर उन्होंने इसकी सूचना उसके घरवालों को दी तो उनके हाथ—पांव फूल गये।

इस संबंध में कल धीरज के पिता रमेश सिंह पुलिस महानिदेशक, अशोक कुमार से मिले और उन्हें घटना की जानकारी दी । धीरज अपने माता—पिता की चार संतानों में सबसे बडा है । कुमार ने पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिये हैं। 

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