Announcement of reward for hoisting Khalistani flag on 26 January, minister Kailash Chaudhary attacked 'Sikh for Justice' | 26 जनवरी को खालिस्तानी झंडा फहराने पर इनाम देने की घोषणा, मोदी सरकार के मंत्री कैलाश चौधरी ने ‘सिख फॉर जस्टिस’ पर किया हमला
किसान आंदोलन (फाइल फोटो)

Highlightsमोदी सरकार के मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान नेताओं को यह समझना चाहिए कि यदि उनकी पहले की मांगों पर वार्ता होगी तो निश्चित तौर पर कोई समाधान निकलेगा। मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि मैं किसान नेताओं से आग्रह करता हूं इस प्रकार की ट्रैक्टर रैली का कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए ताकि देश के स्वाभिमान पर कोई आंच ना आए।

नयी दिल्ली: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने 26 जनवरी को खालिस्तानी झंडा फहराने पर इनाम की घोषणा करने के लिए बुधवार को प्रतिबंधित संगठन ‘‘सिख फॉर जस्टिस’’ को आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसी कोई भी कोशिश देशद्रोह होगी।

उन्होंने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेने वाले संगठनों से 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है।

‘‘सिख फॉर जस्टिस’’ के ऐलान पर कैलाश चौधरी ने ये कहा-

‘‘सिख फॉर जस्टिस’’ द्वारा 26 जनवरी को खालिस्तान झंडा फहराने पर इनाम की घोषणा किए जाने के सवाल पर चौधरी ने कहा, ‘‘जो लोग ऐसा कह रहे हैं वे देश के हित में नहीं बोल रहे हैं। ये राष्ट्रद्रोह की बात है। जो ऐसी बातें कर रहे हैं पूरा देश उन्हें देख रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो भारत माता से प्रेम करते हैं वे कभी भी अपने देश का सिर झुकने नहीं देंगे। वह चाहे 26 जनवरी हो या स्वतंत्रता दिवस, ये हमारे राष्ट्रीय त्यौहार हैं। ऐसी कोई घटना होती है तो वह देश के स्वाभिमान पर सवालिया निशान होगा।’’

ट्रैक्टर रैली का कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए: मोदी सरकार के मंत्री

उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसान नेताओं से आग्रह करता हूं इस प्रकार की ट्रैक्टर रैली का कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए ताकि देश के स्वाभिमान पर कोई आंच ना आए।’’ यह पूछे जाने कि क्या किसान नेताओं को र्टैक्टर रैली के लिए उकसाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि किसान नेताओं को यह समझना चाहिए कि यदि उनकी पहले की मांगों पर वार्ता होगी तो निश्चित तौर पर कोई समाधान निकलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘...नहीं तो खालिस्तान समर्थक लोग आ सकते हैं...या फिर ऐसे लोग जो इस आंदोलन का फायदा उठाने के मकसद से किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर चला सकते हैं। भारतीय किसान इन कानूनों के समर्थन में हैं और किसान नेताओं को यह समझना चाहिए।’’

ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को तीन नये कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दिया था। केन्द्र सरकार और दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे किसानों के संगठनों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के मकसद से शीर्ष अदालत ने चार सदस्यीय समिति भी गठित की है।

किसान संगठनों ने कहा है कि वे उच्चतम न्यायालय की तरफ से गठित समिति के समक्ष पेश नहीं होंगे

हालांकि किसान संगठनों ने कहा है कि वे उच्चतम न्यायालय की तरफ से गठित समिति के समक्ष पेश नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘‘सरकार समर्थक’’ समिति है। किसान संगठनों ने कहा कि उन्हें तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

चौधरी ने कहा कि सरकार वार्ता के लिए हमेशा तैयार रही है लेकिन यह किसान संगठनों पर निर्भर है कि 15 जनवरी को निर्धारित नौवें दौर की वार्ता में वे आगे बढ़ना चाहते है या नहीं। 

(एजेंसी इनपुट)

Web Title: Announcement of reward for hoisting Khalistani flag on 26 January, minister Kailash Chaudhary attacked 'Sikh for Justice'

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