लाइव न्यूज़ :

स्टार्ट अप मामले में ‘एंजल कर’ से जुड़ी सभी चिंताओं का समाधान हो गया, अब काम पर दें ध्यान: मोदी

By भाषा | Updated: July 6, 2019 17:53 IST

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे यह कहते हुए खुशी है कि जो भी मुद्दे डीपीआईआईटी (उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग) के पास थे... हमने दोनों विभागों के बीच गहन बातचीत की और स्टार्टअप से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान कर लिया है।’’

Open in App
ठळक मुद्देमोदी ने कहा, ‘‘कुछ मामलों में जहां स्टार्टअप की जांच पहले ही शुरू हो चुकी है या नोटिस भेजे जा चुके हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए जब वरिष्ठ अधिकारी मामले में जुड़े होंगे और परामर्श से काम होगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को आश्वस्त किया कि स्टार्ट अप मामले में ‘एंजल कर’ से जुड़ी सभी चिंताओं का समाधान हो गया है और अब उन्हें कर अधिकारी या आयकर नोटिस की चिंता किये बिना अपने काम पर ध्यान देना चाहिये।

सीबीडीटी के चेयरमैन पी सी मोदी ने कहा कि स्टार्टअप से जुड़े सभी पुराने मुद्दों का विचार-विमर्श प्रक्रिया के जरिये तथा विभाग और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी में समाधान कर लिया जायेगा। शुक्रवार को अपने पहले बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टार्ट अप पर ‘एंजल कर’ और उनके प्रमाणन समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की जानकारी दी।

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे यह कहते हुए खुशी है कि जो भी मुद्दे डीपीआईआईटी (उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग) के पास थे... हमने दोनों विभागों के बीच गहन बातचीत की और स्टार्टअप से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान कर लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो मुद्दे सुलझाये गये हैं, वे स्टार्टअप की परिभाषा, शेयरों का मूल्यांकल तथा कोष के स्रोत से जुड़े हैं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘...मैं निश्चित रूप से स्टार्टअप को यह आश्वस्त कर सकता हूं कि उनके लिये शिकायत या अविश्वास का कोई मौका नहीं होगा।

वे अपना कारोबार करने पर ध्यान दे सकते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि विभाग ने स्टार्टअप के बारे में हुई बजट घोषणाओं के संदर्भ में क्या प्रशासनिक व्यवस्था की गई है, उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री का बयान विरासत में मिले मुद्दों के संदर्भ में था।

मोदी ने कहा, ‘‘कुछ मामलों में जहां स्टार्टअप की जांच पहले ही शुरू हो चुकी है या नोटिस भेजे जा चुके हैं, उन मामलों में हमने जांच के लिये अलग अधिकारी की बात की है और यह काम निरीक्षण अधिकारी की पूर्व मंजूरी लेकर किया जायेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए जब वरिष्ठ अधिकारी मामले में जुड़े होंगे और परामर्श से काम होगा, मुझे नहीं लगता कि कोई मामला बचेगा जिससे स्टार्टअप को कोई समस्या हो।’’ स्टार्टअप पिछले करीब एक साल से आयकर नोटिस मिलने को लेकर शिकायत कर रहे थे।

उनका दावा था कि कर अधिकारियों के रवैये के कारण उनका काम करना मुश्किल हो रहा है। अब तक उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने 19,665 स्टार्टअप को मान्यता दी है। 

टॅग्स :बजट 2019निर्मला सीतारमणमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारत40 लाख लखपति बाईदेवियों का सृजन?, ओरुनोदोई योजना के तहत 3000 रुपये?, भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ में 31 वादे

भारत अधिक खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर