बारामतीः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दिवंगत नेता अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने संबंधी खबरों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने इस घटनाक्रम से स्वयं को अलग करते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। पवार ने बारामती में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में मीडिया में प्रसारित खबरों से पता चला। जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई समारोह में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में पता नहीं है।
हमें खबरों से इसकी जानकारी मिली। शपथ ग्रहण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने ही लिया होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पहल की। इन लोगों ने शायद कुछ तय किया होगा।’’
वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार की इच्छा दोनों धड़ों को एकजुट करने की थी और वे इसे लेकर आशावादी थे। उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत शुरू की थी।
विलय की तारीख भी तय हो गई थी-यह 12 (फरवरी) को होना था। दुर्भाग्य से, उससे पहले ही अजित हमें छोड़कर चले गए।’’ राकांपा के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा के शनिवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है और वह मंत्रिमंडल में अजित पवार की जगह लेंगी। अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद राकांपा नेताओं के एक वर्ग ने मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पवार के पास रहा पद उनकी पत्नी को दिया जाए।
सुनेत्रा के कैबिनेट में शामिल होने के निर्णय को लेकर राकांपा (एसपी) से परामर्श नहीं किया गया:सूत्र
राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार शुक्रवार शाम पुणे से मुंबई के लिए रवाना हो गईं, जहां उनके शनिवार को अपने दिवंगत पति और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख अजित पवार की जगह महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि बुधवार को बारामती में एक विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद राकांपा के दोनों गुटों के आसन्न विलय को लेकर चर्चाएं भले ही तेज हो गई थीं, लेकिन सुनेत्रा के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल के फैसले में बारे में शरद पवार के परिवार के सदस्यों या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)के नेताओं को कोई जानकारी नहीं थी, न ही उनसे इस सिलसिले में कोई परामर्श किया गया।
एक सूत्र के मुताबिक, ‘‘राकांपा (शरद चंद्र पवार) नेतृत्व और शरद पवार के परिवार के सदस्यों को सुनेत्रा की योजनाओं के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी।” सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र विधानमंडल के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं।
उन्हें शनिवार को मुंबई में होने वाली एक अहम बैठक में राकांपा विधायक दल की नेता के रूप में चुना जाएगा, जिसके बाद उनके उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना है। साल 2024 में चुनावी राजनीति में कदम रखने वाली सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हो सकती हैं।
शरद पवार ने अजित को उनकी क्षमताओं के कारण अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा: करीबी सहयोगी
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का उदय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार के मार्गदर्शन से प्रभावित था, जिन्होंने (शरद पवार) उन्हें पारिवारिक संबंधों के बजाय उनकी क्षमताओं के कारण संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा। शरद पवार के एक करीबी सहयोगी ने यह बात कही।
बारामती में बुधवार को हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के छह बार के उपमुख्यमंत्री 66 वर्षीय अजित पवार का निधन हो गया। शरद पवार के लंबे समय से मित्र और सहयोगी विट्ठल मनियार ने बताया कि उन्होंने (शरद पवार) अजित पवार के नेतृत्व गुणों को कम उम्र में ही पहचान लिया था और उन्हें सार्वजनिक जीवन के लिए तैयार किया था।
मनियार ने एक मराठी चैनल से बात करते हुए कहा, "पवार साहब अजित को अपना संभावित उत्तराधिकारी या उत्तराधिकारी इसलिए नहीं मानते थे क्योंकि वह उनके भतीजे थे, बल्कि इसलिए कि उनमें कितनी क्षमता थी। उन्हें पूरा विश्वास था कि अजित पवार बारामती में शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।" मनियार का पवार परिवार से जुड़ाव अजित पवार के जन्म से भी पहले का है। उन्होंने कहा, "अजित जो भी करने का निश्चय करते, उसे पूरी लगन से करते थे। पवार साहब भी उनके इन गुणों को करीब से देखते थे।"