पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने बिहार की सियासत में औपचारिक रूप से कदम रखने के बाद अपनी सक्रियता बढा दी है। सोमवार को वह अपनी मां स्व. मंजू सिन्हा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। निशांत ने अपनी मां को पुष्पांजलि अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह अपनी मां का आशीर्वाद लेने आए हैं। निशांत कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि “मां होतीं तो और अच्छा होता, लेकिन अब नहीं हैं, इसलिए उनके आशीर्वाद के लिए यहां आया हूं। मैं चाहता हूं कि उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे।”
उन्होंने कहा कि मां की बहुत याद आ रही है। उनकी कमी हमेशा महसूस होती है। अगर वह आज होतीं तो और अच्छा लगता। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह जल्द ही बिहार के सभी 38 जिलों की यात्रा पर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि वो यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं जल्द ही तय होगा कि यात्रा पर किस दिन से निकलेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी अलग यात्रा पर निकलने वाले हैं। इस दौरान निशांत कुमार ने भारत की टी-20 विश्व कप जीत पर भी खुशी जाहिर की और टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के लिए यह गर्व का क्षण है और पूरी टीम को इस शानदार उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं। वहीं निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री बनने के सवाल को हंसते हुए टाल दिया। उन्होंने इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं दी।
वहीं, निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनका राजनीति में आना स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से जदयू का है। वहीं राबड़ी देवी के बयान पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। राबड़ी देवी ने पहले कहा था कि नीतीश कुमार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और भाजपा उन्हें किनारे कर रही है। इस मुद्दे पर गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि हर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय होती है। उन्होंने कहा कि अगर इस विषय पर कोई चर्चा होगी तो उसका फैसला पार्टी की बैठक में लिया जाएगा।