लाइव न्यूज़ :

8 साल से कटु रिश्ता, पूरी तरह से टूट चुकी शादी?, पति को अलग रह रही पत्नी को मुंबई वाला फ्लैट सौंपने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने तलाक की अनुमति दी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 5, 2025 20:48 IST

प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए (महिला के साथ क्रूरता करना), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 34 के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को भी रद्द कर दिया।

Open in App
ठळक मुद्देशीर्ष अदालत ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से दोनों पक्षों के बीच कटु संबंध हैं। स्पष्ट संकेत मिलता है कि उनकी शादी "पूरी तरह से टूट चुकी है।"अर्जी दोनों पक्षों के सर्वोत्तम हित में और पूर्ण न्याय के लिए है।

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक दंपति की तलाक की अर्जी मंजूर कर ली और साथ ही व्यक्ति को निर्देश दिया कि वह अलग रह रही पत्नी को अपना चार करोड़ रुपये का मुंबई स्थित फ्लैट सौंप दे। प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए (महिला के साथ क्रूरता करना), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 34 के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को भी रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से दोनों पक्षों के बीच कटु संबंध हैं।

कई कानूनी कार्यवाहियां लंबित हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि उनकी शादी "पूरी तरह से टूट चुकी है।" पीठ ने कहा, "हम संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत दायर अर्जी को भी स्वीकार करते हैं, जिसमें अपीलकर्ता और दूसरे प्रतिवादी के बीच विवाह को समाप्त करने का अनुरोध किया गया है। यह अर्जी दोनों पक्षों के सर्वोत्तम हित में और पूर्ण न्याय के लिए है।

क्योंकि यह पाया गया है कि वैवाहिक रिश्ता पूरी तरह से टूट चुका है।" शीर्ष अदालत ने कहा कि गुजारा भत्ते का और दावा उचित नहीं है, खासकर अपीलकर्ता की बेरोजगार स्थिति को देखते हुए। शीर्ष अदालत ने पूर्व बैंकर को अपार्टमेंट के रखरखाव शुल्क के रूप में एक सितंबर, 2025 तक हाउसिंग सोसाइटी में बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने विवाह के पक्षकारों द्वारा शुरू की गई सभी दीवानी और आपराधिक कार्यवाहियों को बंद कर दिया। पीठ ने कहा, "विवाह से संबंधित किसी भी पहलू पर संबंधित पक्षों द्वारा आगे कोई भी दीवानी या आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।"

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टबॉम्बे हाई कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे