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जानलेवा हो सकता है मेनिंगोकोकल रोग, जानिए लक्षण, कारण, बचाव और उपचार

By उस्मान | Updated: March 5, 2018 11:41 IST

इस संक्रामक रोग से बचने के लिए आपको आर्टिकल में बताई गई बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

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मेनिंगोकोकल इन्फेक्शन निसेरिया मेनिजाइटिडिस (Neisseria meningitidis) बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह इन्फेक्शन आमतौर पर नाक, गले त्वचा को प्रभावित करता है। तेजी से फैलने वाला मेनिंगोकोकल रोग जानलेवा हो सकता है। इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति के बात करने, खांसने या छींकने से हवा के जरिए दूसरे व्यक्ति को यह बैक्टीरिया अपनी चपेट में ले सकता है। इससे आपको बुखार, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। 

मेनिंगोकोकल रोग के लक्षण

मेनिंगोकोकल रोग होने पर आपको यह लक्षण महसूस हो सकते हैं। -बुखार-सिरदर्द, -बेचैनी-गरदन में अकड़न-मतली -उल्टी-निमोनिया -रैशेष -आंखों में इन्फेक्शन 

यह भी है खतरा

इसके अलावा रोगी को रोशनी से परेशानी हो सकती है। मेनिंगोकोकल बैक्टीरिया के लक्षणों में तेजी से बुखार चढ़ता है और चकत्ते निकलते हैं। इतना ही नहीं इससे पीड़ित व्यक्ति को मस्तिक की क्षति या अंगों का नुकसान हो सकता है। मेनिंगोकोक्सी के कारण निमोनिया , कान में संक्रमण, अर्थराइटिस और अन्य संक्रमण भी हो सकते हैं। 

मेनिंगोकोकल इन्फेक्शन प्रसार  

लगभग 10-20 फीसदी किशोर और वयस्क बीमार हुए बिना एन मेनिंजाइटिडिस से पीड़ित होते हैं। इन व्यक्तियों में हफ्तों या महीनों तक बैक्टीरिया रह सकते हैं। बैक्टीरिया सीधे शरीर के जरिए, खांसने या छींकने से फैल सकता है। एचआईवी इन्फेक्शन और कुछ जेनेटिक कारक भी मेनिंगोकोकल रोग होने की संभावना को बढ़ाते हैं। 

उपचार और देखभाल

सबसे पहले रोगी का ब्लड सैंपल लिया जाता है। उसके बाद टेस्ट करके मेनिंगोकोकल रोग के उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स का प्रयोग किया जाता है। अगर आपको बताए गए लक्षणों में से एक भी महसूस होता है, तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

बचाव

-अगर कोई व्यक्ति इस इन्फेक्शन से पीड़ित है तो उसे एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा करना चाहिए।-उसे खांसते या छींकते समय अपने मुंह को कवर रखना चाहिए।-भीड़ वाले स्थान पर जाने से बचना चाहिए।-साफ-सफाई का ध्यान रखें, खासकर हाथों को धोते रहें। 

जटिलताएं और मृत्यु दर

तेजी से फैलने वाला मेनिंगोकोकल रोग गंभीर हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मेनिंगोकोकल मेनिंजाइटिस को, मेनिंगोकोकल रोग का सबसे सामान्य निरूपण है। स्थिति गंभीर होने पर आपको अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ सकता है। एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट के बाद भी मृत्यु दर 9-12 फीसदी होती है। मेनिंगोकोकल रोग से बचने वाले लगभग 20 फीसदी लोगों में स्थायी जख्म हो सकता है। 

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