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क्या आपको भी बुखार के साथ रहता है पैरों में दर्द तो हो जाइए सावधान, हो सकती है आपको गंभीर बीमारियां

By आजाद खान | Updated: October 29, 2022 17:44 IST

जानकारों की माने तो लो ग्रेड या हल्के फीवर में कई बार लोग इसे नजरअंदाज कर लेते है या पैरासीटामॉल खा लेते है। लेकिन आपका फीवर अगर जल्दी ठीक नहीं हो रहा है और आप 10 से 14 दिनों तक इससे परेशान है तो ऐसे में आपको तुरन्त डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए।

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ठळक मुद्देलो ग्रेड या हल्का फीवर को हल्का में लेना सेहत के लिए सही नहीं है। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो ये कभी-कभी गंभीर रूप भी ले लेता है। ऐसे में लो ग्रेड या हल्का फीवर क्या है, आइए उसे जान लेते है।

Persistent Low Grade Fever: सर्दियां आ गई है और ऐसे में कफ, कोल्ड और फीवर का सीजन भी आ गया है। इस सीजन में लोगों को बुखार होना आम बात है। ऐसे में कुछ लोगों को जब बुखार आता है तो वह उसे छोड़ता ही नहीं है। 

इस हालत में कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते है और बुखार वाली पैरासीटामॉल दवा खा लेते है। लेकिन यह सही नहीं है। इस तरह के बुखार को लो ग्रेड फीवर या हल्का फीवर कहते है। ऐसे में आइए जानते है कि यह लो ग्रेड फीवर या हल्का फीवर किसे कहते है और 

क्या होता है लो ग्रेड फीवर या हल्का फीवर

लो ग्रेड फीवर या हल्का फीवर एक ऐसा फीवर होता है जिसमें 99 से लेकर 101 तक बॉडी टेम्परेचर रहता है और पूरे शरीर में खासतौर पर पैरों में दर्द होता रहता है। इस फीवर में किसी भी समय आपको लो ग्रेड या हल्का फीवर आता है और पैरासीटामॉल खाते ही बुखार ठीक भी हो जाता है। 

जब कभी भी किसी को 10 से 14 दिनों तक ऐसे ही बुखार हो और पैरासीटामॉल खाते ही ठीक हो जाए तो ऐसे में इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह आपके सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। 

लो ग्रेड या हल्का फीवर के कारण

जानकारों की माने तो लो ग्रेड फीवर या हल्का फीवर के पीछे कई कारण होते है। कई बार वायरल इंफेक्शन जैसे सामान्य कारणों के चलते भी यह फीवर होता है। ऐसे में आइए इसके कारणों को एक-एक करके जान लेते है। 

वायरल निमोनिया

वायरल निमोनिया के कारण भी आपको लो ग्रेड या हल्का फीवर होता है। जब किसी शख्स को वायरल निमोनिया होता है तो उसे बुखार के साथ ठंडा लगता है और उसे ये दो से तीन हफ्ते तक पकड़ा रहता है। 

आम तौर पर ऐसे बुखार में आपको पैरासीटामॉल खाने की सलाह दी जाती है और ऐसे में आराम करने को भी कहा जाता है। अगर किसी को इससे आराम नहीं होता है तो तब उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

टीबी भी हो सकता है कारण

आपको बता दें कि जिस किसी को तीन हफ्ते से ज्यादा बुखार रहता है तो ऐसे में उसे टीबी भी होने की आशंका होती है। इस हालत में आपको भूख न लगना, खांसी आना, खांसी में ब्लड आना, वजन कम होना, रात में पसीना आना जैसे कई और कारण भी हो सकते है। अगर किसी को यह समस्या हो तो उसे जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Lokmat Hindi News इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टरों से जरूर संपर्क करें।)

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