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रीढ़ की हड्डी में झुकाव या मुड़ाव सही नहीं! अगर 10 डिग्री से ज्यादा घुम जाए तो आपको ये बीमारी है, जानें कारण, लक्षण और उपचार

By आजाद खान | Updated: June 1, 2023 14:26 IST

जानकारी की माने तो स्कोलियोसिस का इलाज संभव है। हल्के लक्षण में एक पीठ का सहारा वाला बेल्ट पहनना पड़ता है और अगर भारी लक्षण होता है तो इस हालत में सर्जरी होती है।

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ठळक मुद्देस्कोलियोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें रीढ़ की हड्डी में असामान्य झुकाव या कर्व आ जाता है। बता दें कि ज्यादातर मामलों में इसकी वजह का पता नहीं चल पाता है।ये बीमारी बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है।

Health Tips in Hindi:  जब किसी इंसान के रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर असामान्य तरीके के झुकाव व कर्व आ जाते है तो इसे स्कोलियोसिस कहते है। बताया जाता है कि यह रीढ़ के किसी भी हिस्से में हो सकता है लेकिन आम तौर पर इसे बीच से ऊपरी पीठ में सबसे ज्यादा देखा गया है और लोग इसी भाग में स्कोलियोसिस की शिकायत लेकर आते हैं। पोलारिस न्यूरोसाइंसेस हास्पिटल के पोरटल की अगर माने तो जानकार कहते है कि किसी भी इंसान की रीढ़ की हड्डी में 10 डिग्री से ज्यादा का घुमाव या फिर झुकाव पाया जाए तो शुरुआत जांच के तौर पर यह कहा जा सकता है कि उसे स्कोलियोसिस है। 

स्कोलियोसिस के बारे में क्या कहते हैं जानकार

जानकार कहते हैं कि स्कोलियोसिस एक बीमारी है जिसमें आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी नहीं रहती है बल्कि यह दाएं या बाएं मुड़ जाती है। ऐसे में इस तरीके से आपके रीढ़ की हड्डी का सीधा नहीं रहना आपके लिए मुसीबत बन जाती है। जो लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं उन में पीठ में दर्द, सांस लेने में परेशानी, और कमर, कंधे, पसलियों, और कूल्हों में अंतर होने जैसे परेशानियां देखने को मिलती हैं। 

स्कोलियोसिस एक ऐसे बीमारी है जिसके बारे में लोगों को आसानी से पता नहीं चलता है और कुछ समय के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिल पाती है कि वे इस बीमारी से जूझ रहे है। जानकार कहते हैं कि कुछ लोगों में यह बीमारी पैदा होने के साथ ही होता है तो कुछ लोगों में किसी दूसरी बीमारी, चोट, या फिर उनके उम्र के कारण इस बीमारी से वे परेशान होते है। 

क्या इसका इलाज है मुमकिन, इसके कुछ लक्षण

एक्सपर्ट्स कहते है कि यह बीमारी बच्चों में ज्यादा पाई जाती है, यही कारण है कि वे 10 से 18 साल के बच्चों के पीठ के जांच कराने की सलाह देते हैं। स्कोलियोसिस की अगर बात करें तो इसका इलाज मुमकिन हैं। आमतौर पर जब लोगों में इसका प्रभाव हल्का होता है तो ऐसे में उन्हें इससे ठीक होने के लिए एक पीठ का सहारा वाला बेल्ट पहनना पड़ता है। 

यही नहीं जब किसी पर इसका प्रभाव गहरा होता है तो इस मामले में उसकी सर्जरी होती है जिसमें हड्डियों को सीधा करने के लिए सलाखें (rods) और पेच (screws) लगाए जाते हैं। बता दें कि आपको स्कोलियोसिस हुआ है कि नहीं इसका पता लगाना काफी आसान है। इसके लिए आप नीचे बताए गए इसके कुछ लक्षण को देख सकते है और अगर आप में भी ये लक्षण पाएं जाते है तो आप आप ये मान कर चलें कि आप इससे पीड़ित हैं। 

स्कोलियोसिस के लक्षण

जब कभी भी किसी भी इंसान में इस तरीके के लक्षण पाएं जाते है तो इससे आप यह कह सकते है कि आप स्कोलियोसिस से परेशान हैं। 

- पीठ में दर्द या अकड़न का होना।- पीठ का आकार या मुड़ाव असामान्य लगना भी एक कारण है।- कमर, कंधे, पसलियों, या कूल्हों का ऊंचाई में अंतर होना भी एक लक्षण माना जाता है। - यही नहीं सांस लेने में परेशानी होने से भी इससे पीड़ित होने की बात सामने आती है। - पीठ की हड्डी का सीधा नहीं रहना भी एक कारण माना जाता है। 

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाओं की Lokmat Hindi News पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले या इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए डॉक्टरों से जरूर संपर्क करें।)

 

 

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