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Covid-19 vaccine: WHO चीफ का दावा, साल के अंत आ सकती है कोरोना वायरस की वैक्सीन

By उस्मान | Updated: October 7, 2020 09:35 IST

कोरोना वायरस वैक्सीन अपडेट : कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है और इस प्रकोप को रोकने के लिए टीका बहुत जरूरी है

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ठळक मुद्देदुनियाभर में अब तक 36,041,783 लोग संक्रमितकोरोना वायरस से अब तक 1,054,604 लोगों की मौतइस साल के अंत तक आ सकता है टीका

कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। चीन से निकले इस खतरनाक वायरस से दुनियाभर में अब तक 36,041,783 लोग संक्रमित हो गए हैं और 1,054,604 लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल कोरोना के लिए कोई स्थायी इलाज और टीका उपलब्ध नहीं है।

कोरोना वायरस की वैक्सीन कब आएगी? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब पूरी दुनिया को है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम ने कहा है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन साल के अंत तक तैयार हो सकती है।

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी को लेकर अपनी कार्यकारी बोर्ड की दो दिवसीय बैठक के बाद संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन की आवश्यकता होगी और आशा है कि इस वर्ष के अंत तक हमारे पास वैक्सीन हो सकती है।'  

फिलहाल आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से चलाना होगा काम

देश में कोरोना से निपटने के लिए आयुर्वेदिक उपचारों का भी सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक नया प्रोटोकॉल जारी किया है। 

इकोनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कोरोना और सांस से जुड़ी समस्याओं के उपचार और रोकथाम के लिए उपायों में योग और अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को शामिल किया गया है। हर्षवर्धन ने कहा कि यह प्रोटोकॉल क्रोना वायरस से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 

कोरोना के इलाज के लिए अश्वगंधा, गुडूची और घाना वटीप्रोटोकॉल में बताया गया है कि कोरोना जैसे वायरस से निपटने के लिए इम्यूनिटी सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। इस प्रोटोकॉल में अश्वगंधा, गुडूची घाना वटी या च्यवनप्राश जैसी जड़ी बूटियों को शामिल किया गया है, जिनका कई रोगों के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है।

आयुष 64 भी है असरदारकोविड-19 पॉजिटिव रोगियों के लिए गुडूची घाना वाटी, गुदुची और पिप्पली या आयुष 64 के सेवन की सलाह दी गई है। बताया गया है कि गुडूची और पिप्पली और आयुष 64 टैबलेट हल्के कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों को दिए जा सकते हैं।

डाइट और एक्सरसाइज भी जरूरीप्रोटोकॉल में इन दवाओं को लेने का तरीका भी बताया गया है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि इन दवाओं के अलावा लोगों को बेहतर खानपान और जीवनशैली का भी ध्यान रखना होगा। 

योगासन से मिलेगा लाभप्रोटोकॉल में फाइब्रोसिस, थकान और मानसिक स्वास्थ्य जैसी फेफड़ों की जटिलताओं को रोकने और कोरोना की रोकथाम के लिए अश्वगंधा, च्यवनप्राश या रसायण चूर्ण के सेवन की सलाह भी दी गई है। 

इसके अलावा, श्वसन और हृदय की कार्यक्षमता में सुधार, तनाव और चिंता को कम करने और प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए, मंत्रालय ने कोविड-19 की प्राथमिक रोकथाम के लिए योग प्रोटोकॉल भी जारी किया है। 

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