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वैज्ञानिकों का खुलासा, प्रदूषण में कोरोना वायरस से मौत का खतरा ज्यादा, प्रदूषण से बचा सकते हैं ये 10 सरल उपाय

By उस्मान | Updated: November 6, 2020 15:38 IST

कोरोना संकट में प्रदूषण से बचने के उपाय : कुछ आसान उपायों को आजमाकर आप प्रदूषण से बच सकते हैं

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ठळक मुद्देअध्ययन 'साइंस एडवांसेज' नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ हैअध्ययन में कोविड-19 से होने वाली मौतों और पीएम 2.5 कणों की जांच की गई

कोरोना वायरस संकट के बीच एक नए अध्ययन में पता चला है कि जो लोग प्रदूषण कारक सूक्ष्म कणों के संपर्क में अधिक समय तक रहते हैं उनकी कोविड-19 से मौत होने की आशंका बढ़ जाती है। यह अध्ययन 'साइंस एडवांसेज' नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। 

अध्ययन में कोविड-19 से होने वाली मौतों और पीएम 2.5 कणों के संपर्क में अधिक समय तक रहने के प्रभावों की जांच की गई। पाया गया कि इन प्रदूषण कारक कणों के संपर्क में अधिक समय तक रहने पर कोविड-19 से होने वाली मौत की दर में वृद्धि हुई।  

हालांकि अध्ययन से पीएम 2.5 कणों और कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर के बीच की कार्यप्रणाली स्पष्ट नहीं होती लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि इन कणों के संपर्क में अधिक समय तक रहने से फेफड़ों में 'एसीई-2 रिसेप्टर' अधिक उत्पन्न हो सकते और इससे कोरोना वायरस को शरीर की कोशिकाओं में घुसने में सहायता मिलती है। 

प्रदूषण बढ़ने से सांस की बीमारियों का खतरा

डॉक्टरों के अनुसार प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वायरल इन्फ्लूएंजा जैसी सांस की बीमारियां बढ़ जाती हैं और खराब वायु गुणवत्ता के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाती है और इससे वायरस से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। 

 

कोरोना संकट में प्रदूषण खतरनाक क्यों?

एम्स में मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल के अनुसार, सामान्य सर्दी जुकाम की तरह प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इस वायरस का संक्रमण बढ़ने की आशंका है। हमें मामलों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।' 

अपोलो अस्पताल में आंतरिक चिकित्सा के वरिष्ठ सलाहकार डा. सुरंजीत चटर्जी के अनुसार, 'यह कोई नहीं जानता है कि वायरस कैसे व्यवहार करने वाला है। लेकिन, प्रदूषण स्तर बढ़ने और सर्दियां आने से, हमें खुद को सबसे खराब स्थिति का सामना करने के लिए तैयार करने की आवश्यकता है। यह एक खतरनाक संयोजन होगा।' 

प्रदूषण से बचने के उपाय

अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो मास्क लगाकर निकलें। हो सके तो पूरा चेहरा ढक लें। एक मास्क को एक बार ही प्रयोग करें। एक ही मास्क का प्रयोग बार-बार करके आप वायरस और कई तरह के इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं।

1) प्रदूषण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। खासकर सुबह के समय जब सबसे अधिक प्रदूषण अधिक होता है। 

2) आंखों का चश्मा जरूर पहनें, इससे आंखों का प्रदूषण से काफी हद तक बचाया जा सकता है। 

3) सफर के बाद और सोने से पहले साफ पानी से आंखों को धोयें। 

4) आंखों को हाथों से छूने से बचें और हाथ धोने के बाद ही आंखों को टच करें। आंखें रगड़ने से बचें।

5) आंखों में जलन होने पर सिर्फ डॉक्टर द्वारा निर्धारित आई ड्रॉप का ही इस्तेमाल करें। 

6) इस दौरान कांटेक्ट लेंस न पहनें और आई मेकअप से बचें। 

7) जलन कम करने के लिए कूल कॉम्प्रेसएहतर होगा  का इस्तेमाल करना बेहतर होगा।  

8) लंबे समय तक स्क्रीन डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप का उपयोग न करें। सु 

9) एक स्वस्थ आहार खाएं जिसमें ओमेगा 3 और एंटीऑक्सीडेंट, जैसे कि मछली, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, पालक, बादाम, अखरोट और जामुन समृद्ध खाद्य पदार्थ शामिल हों। ये आंखों के लिए बेहद अच्छे हैं।

10) अपने घर बेहतर क्वालिटी वाला एयर पोलुशन लगवाएं। इससे घर की हवा साफ होती है। 

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