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COVID-19 and Oxygen: ऑक्सीजन की कमी के 10 लक्षण, ऑक्सीजन की नॉर्मल रेंज क्या है, मरीज को अस्पताल कब जाना चाहिए ?

By उस्मान | Updated: April 22, 2021 09:59 IST

कोरोना के अधिकतर मरीजों में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है

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ठळक मुद्देकोरोना के अधिकतर मरीजों में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है जानिये आपको अस्पताल जाने की कब जरूरत होगीनॉर्मल ऑक्सीजन लेवल कितना होना चाहिए

कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। एक दिन में मरीजों के रिकॉर्ड तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं और मृतकों का आंकड़ा भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

कोरोना के अधिकतर मरीजों में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है। यही वजह है कि देश में हर जगह ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। चलिए जानते हैं कि किसी व्यक्ति की नॉर्मल ऑक्सीजन रेंज कितनी होनी चाहिए और ऑक्सीजन की कमी के क्या संकेत हैं। 

ऑक्सीजन क्या होता है

शरीर में रक्त ऑक्सीजन का स्तर लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) में मौजूद ऑक्सीजन की मात्रा को निर्धारित करता है। यह रक्त में कुल हीमोग्लोबिन की मात्रा का संकेत है। क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, अस्थमा और हृदय रोगों जैसी गंभीर चिकित्सा स्थितियों वाले लोगों को हर समय अपने रक्त ऑक्सीजन स्तर की निगरानी करनी चाहिए।

ऑक्सीजन लेवल कम होने के संकेत और लक्षण

ऑक्सीजन लेवल कम होने पर आपको सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द, बेचैनी, चक्कर आना, तेजी से सांस आना, छाती में दर्द, उलझन, उच्च रक्तचाप, तालमेल की कमी, देखने में परेशानी और धड़कन का बढ़ना आदि शामिल हैं. 

ऑक्सीजन की नॉर्मल रेंज क्या है ?

इस परीक्षण के लिए एक सामान्य रीडिंग लगभग 75 से 100 मिलीमीटर पारा (मिमी एचजी) है, हालांकि, नॉर्मल पल्स ऑक्सीमीटर रीडिंग आमतौर पर 95 से 100 प्रतिशत तक होती है।

मरीज को अस्पताल कब जाना चाहिए

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर किसी मरीज के रक्त में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है, तो उसे तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। विशेषज्ञ के अनुसार, रक्त में ऑक्सीजन का स्तर 95 या अधिक होना चाहिए। लेकिन 95 से नीचे का स्तर खतरनाक हो सकता है।

ऑक्सीजन लेवल कैसे मापा जाता है?

रक्त में ऑक्सीजन लेवल को मापने के दो तरीके होते हैं। एक पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से होता है। यह एक छोटा उपकरण होता है जिसे उंगलियों पर चिपकाया जा सकता है। यह आपकी उंगलियों में छोटे रक्त वाहिकाओं में प्रकाश चमकता है और आपके रक्त में ऑक्सीजन स्तर को मापता है।

रक्त ऑक्सीजन के स्तर को मापने का एक अन्य तरीका आर्टरी ब्लड गैस (एबीजी) है। यह एक रक्त परीक्षण है जो न केवल आपके रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को मापता है बल्कि आपके रक्त में अन्य गैसों के स्तर का भी पता लगाता है।

ऑक्सीजन लेवल कम होने से क्या होता है?

जब रक्त ऑक्सीजन 75 mmHg से कम हो जाता है, तो स्थिति को आमतौर पर हाइपोक्सिमिया (hypoxemia) कहा जाता है। अगर यह 60 mmHg तक गिर जाता है, तो आपको इमरजेंसी की जरूरत पड़ सकती है। ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिये ऑक्सीजन प्रदान किया जा सकता है। 

इसके कम होने से छाती में दर्द, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई, दिल की धड़कन बढ़ जाना, रक्त ऑक्सीजन के स्तर में लगातार गिरावट आपके नाखूनों, त्वचा और बलगम झिल्ली के नीलेपन को जन्म दे सकती है।

ऑक्सीजन कम होने को कैसे रोकें?इस स्थिति में डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा तरीका है। हालांकि कुछ बदलाव और घरेलू उपचार भी इसे रोक सकते हैं। गहरी सांस लेने के व्यायाम और योग आपकी नसों को शांत करने और आपके ऑक्सीजन लेवल को सामान्य करने के लिए अद्भुत तरीके हैं।

हाइड्रेटेड रहना आपके ब्लड ऑक्सीजन लेवल को भी सामान्य करता है और इसे स्थिर रखता है। यदि आप धूम्रपान करने वाले हैं, तो अपने रक्त ऑक्सीजन के स्तर को नॉर्मल रखने के लिए इसे छोड़ देना चाहिए। इसके अलावा आप स्वस्थ और संतुलित आहार लें। 

ब्रोकोली और डेयरी उत्पाद सीओपीडी के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। पालक, शिमला मिर्च, आलू, गाजर और हरी बीन्स जैसी ताजी और उबली हुई सब्जियां खाने की कोशिश करें। 

नमक का सेवन कम करने से अतिरिक्त तरल पदार्थ और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। नमक के बजाय, जड़ी-बूटियों और मसालों जैसे कि पेपरमिंट, अजवायन और हल्दी की कोशिश करें, जो सभी जड़ी-बूटियां हैं जो आपके फेफड़ों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं।  

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