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डिमेंशिया और यूटीआई से जूझ रहे हैं अटल बिहारी वाजपेयी, एक्सपर्ट से जानिए इन रोगों के बारे में

By उस्मान | Updated: June 12, 2018 10:23 IST

एम्स की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया कि जांच में मूत्र मार्ग में संक्रमण यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) पाया गया है. वो काफी समय से मनोभ्रंश या डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित हैं।

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को काफी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। सोमवार को उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें यूरीन इन्फेक्शन के साथ किडनी संबंधी बीमारी भी है। एम्स की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया कि जांच में मूत्र मार्ग में संक्रमण यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) पाया गया है, जिसका उचित उपचार किया जा रहा है और उन्हें डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में रखा गया है। आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी काफी समय से मनोभ्रंश या डिमेंशिया (Dementia) बीमारी से पीड़ित हैं। मैक्स हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन डॉक्टर सीतला प्रसाद आपको बता रहे हैं कि डिमेंशिया और यूटीआई रोग क्या हैं। 

मनोभ्रंश या डिमेंशिया क्या है?

मनोभ्रंश या डिमेंशिया (Dementia) किसी विशेष बीमारी का नाम नहीं, बल्कि के लक्षणों के समूह का नाम है, जो मस्तिष्क की हानि से सम्बंधित है। डिमेंशिया के लक्षण कई रोगों के कारण पैदा हो सकते है। ये सभी रोग मस्तिष्क की हानि करते हैं। क्योंकि हम अपने सब कामों के लिए अपने मस्तिष्क पर निर्भर हैं, डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाते। इन व्यक्तियों की याददाश्त कमजोर हो सकती है। उन्हें आम तौर के रोजमर्रा के हिसाब में दिक्कत हो सकती है, और वे अपना बैंक का काम करने में भी कठिनाई महसूस कर सकते हैं। बोलते हुए उन्हें सही शब्द नहीं सूझता। उनका व्यवहार बदला बदला सा लगने लगता है, और व्यक्तित्व में भी फ़र्क आ सकता है। यह भी हो सकता है के वे असभ्य भाषा का प्रयोग करें या अश्लील तरह से पेश आएँ, या सब लोगों से कटे-कटे से रहें। साल दर साल डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति की स्थिति अधिक खराब होती जाती है, और बाद की अवस्था में उन्हें साधारण से साधारण काम में भी दिक्कत होने लगती है, जैसे कि चल पाना, बात करना, या खाना ठीक से चबाना और निगलना, और वे छोटी से छोटी चीज के लिए भी निर्भर हो जाते हैं। वे बिस्तर पर पड़ जाते है, और उनका अंतिम समय आ जाता है।

इस बीमारी को लेकर लोगों को है यह भ्रम

अक्सर रोगी के बदले व्यवहार को देखकर लोग उसे मनोरोगी करार देते है, उसे पागल घोषित कर देते हैं, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। इसलिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि मनोभ्रंश मंदबुद्धि (mental retardation) या पागलपन (insanity) नहीं है। यह अम्नीसिया (स्मृतिलोप, स्मृतिभ्रंश, amnesia) नहीं है और ना ही मनोभ्रंश रोग (डिमेंशिया) उम्रवृद्धि प्रक्रिया का साधारण भाग नहीं है।

यह भी पढ़ें- अटल बिहारी वाजपेयी के लिए शुरू हुआ पूजा-पाठ, थोड़ी देर में AIIMS करेगा मेडिकल बुलेटिन जारी

डिमेंशिया के लक्षण

- जरूरी चीजें भूल जाना, खासकर हाल में हुई घटनाएं (जैसे, नाश्ता करा था या नहीं)- पार्टी का आयोजन न कर पाना, छोटी छोटी समस्याओं को भी न सुलझा पाना- रोजाना के काम करने में दिक्कत महसूस करना- गलत किस्म के कपड़े पहनना, कपड़े उलटे पहनना - तारीख भूल जाना- किस घर में हैं, किस शहर में हैं, किस देश में भूल जाना - चित्र देखकर यह न समझ पाना कि यह क्या है- नंबर जोड़ने और घटाने में दिक्कत  - बोलते या लिखते हुए गलत शब्द का प्रयोग करना- शब्दों के अर्थ न समझ पाना- चीज़ों को गलत, अनुचित जगह पर रख छोडना  - कुछ काम शुरू करना, फिर भूल जाना कि क्या करना चाहते थे - अजीब निर्णय लेना, लापरवाही या गैर जिम्मेदारी दिखाना- अपने आप में गुमसुम रहना, मेल-जोल बंद कर देना, चुप्पी साधना- छोटी-छोटी बात पर, या बिना कारण ही बौखला जाना, चिल्लाना, रोना - किसी बात को या प्रश्न को दोहराना, जिद्द करना, तर्क न समझ पाना- बात बेबात लोगों पर शक करना, आक्रामक होना- लोगों की भावनाओं को न समझना या उनकी कद्र न करना

मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) क्या है?

मूत्र मार्ग में संक्रमण या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) गुप्तांगों में होने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी समस्या है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाई जाती है। कुछ स्वास्थ्य अवस्था जैसे डायबिटीज, मासिक धर्म का बंद होने या फिर गर्भावस्था के दौरान यह संक्रमण हो सकता है। आमतौर पर यह मूत्र मार्ग में जीवाणु के आक्रमण से होता है। यह सेक्स के दौरान एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे को होता है। ऐसा माना जाता हैं कि ज्यादा देर तक पेशाब को रोके रहने से भी यह संक्रमण हो सकता है। बार-बार पेशाब का आना, छींकने या खांसते समय थोड़ा सा पेशाब आना, बुखार, चक्कर आना, उल्टी होना, पेट में हल्का दर्द, पेशाब के रंग का बदलना और पेशाब करते वक्त जलन महसूस करना इसके आम लक्षण हैं।

यूटीआई के कुछ सामान्य लक्षण

-बार-बार पेशाब आना - पेशाब करते समय एक जलन होना -कम या ज्यादा पेशाब आना -पेशाब का रंग लाल या पीला होना - पेशाब में बदबू आना - महिलाओं को पेल्विक हिस्से में दर्द होना - ठंड के साथ बुखार होना 

आपको बता दें, अटल बिहारी वाजपेयी बीते कुछ सालों से बीमार चल रहे हैं। भारतीय राजनीतिक इतिहास में उनको एक कुशल राजनीतिज्ञ, भाषाविद, कवि और पत्रकार के रूप में जाना जाता है। वह एक ऐसे नेता रहे हैं जिन्हें जनता के साथ-साथ हर पार्टी के लोग पसंद करते हैं। वाजपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए। वह बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले और अभी तक एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं। 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था।

(फोटो- सोशल मीडिया) 

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