Kollam: केरल के कोल्लम में सरेआम हत्या हो गई। शनिवार को करुणागप्पल्ली में कुख्यात गैंगस्टर की सरेआम बेरहमी से हत्या कर दी गई। गैंगस्टर जिम संतोष की हत्या के पहले आरोपी अलुवा अतुल की इस हमले में मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब अतुल जमानत पर थाने से बाहर आया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी जारी कर दिया गया है। हमला करुणागप्पल्ली के पुथियाकावु के पास हुआ। पुलिस ने यह जानकारी दी। करुणागप्पल्ली थाने के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या का आरोपी एक कुख्यात गैंगस्टर भी था और थाने से उसके लौटते समय यह वारदात हुई।
टीवी चैनल पर प्रसारित हो रहे घटना के वीडियो में दिख रहा है कि करुणागप्पल्ली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 66 पर हत्या के आरोपी अलुवा अतुल की कार का हमलावर अपने वाहन से पीछा कर रहे हैं और इस बीच उन्होंने उसकी कार को सड़क किनारे एक खाई में धकेल दिया।
इस वीडियो में नजर आ रहा है कि इसके बाद, चार-पांच लोगों ने लाठियों और अन्य धारदार हथियारों से अतुल की कार के शीशे चारों तरफ से फोड़ दिए तथा फिर उसे बाहर खींचकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने अतुल को मृत घोषित कर दिया और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले के पीछे कौन है।
पांच लोगों के एक गिरोह ने अतुल की कार को टक्कर मार दी, जिससे कार नाले में गिर गई। गिरोह के सदस्य तुरंत कार से बाहर निकले और कार के अंदर मौजूद अतुल पर हमला कर दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। गिरोह की आपसी दुश्मनी को घटना का कारण बताया जा रहा है। पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई कार केरल में पंजीकृत नहीं थी।
गिरोह के सरगना संतोष, जिसे जिम संतोष के नाम से भी जाना जाता था, की हत्या अलुवा अतुल और उसके गिरोह ने पिछले साल 27 मार्च को कर दी थी। घटना वाले दिन सुबह गिरोह कार से संतोष के घर पहुंचा और उस पर बम फेंककर हमला किया। अतुल ने लाठी से संतोष के पैर तोड़ दिए।
घटना के समय संतोष की मां भी घर पर मौजूद थीं। अपराध करने के बाद फरार हुए अतुल को 21 दिन बाद तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में पकड़ा गया। पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि यह हमला करुणागप्पल्ली और ओचिरा में सक्रिय दो गिरोहों के बीच लंबे समय से चल रही दुश्मनी का नतीजा था।
बेंगलुरुः देर से आने पर कक्षा एक के छात्र को दो घंटे तेज धूप में खड़ा रखा, प्राथमिकी दर्ज
बेंगलुरु में देर से आने पर पहली कक्षा के छात्र को सजा के तौर पर दो घंटे तक तेज धूप में खड़ा रखने के आरोप में एक निजी विद्यालय मामला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना यहां येलहंका अट्टूर लेआउट के एक स्कूल में हुई।