पटनाः बिहार में नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र इलाके के दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार जैन सैलानियों के शव बरामद किए गए हैं। एक साथ चार शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मौत कैसे हुई है यह पता नहीं चला है। बताया जाता है कि ये सभी लोग करीब एक सप्ताह पहले राजगीर आए थे। शुक्रवार को जब कमरे से बदबू आई तो धर्मशाला के कर्मी ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। वरीय पुलिस पदाधिकारी धर्मशाला के कई कर्मियों से पूछताछ कर रही है। पूरे धर्मशाला की जांच की जा रही है। इस मामले में राजगीर थाना प्रभारी रमन कुमार ने बताया कि दो महिला और दो पुरुष का शव बरामद हुआ है। ये सभी लोग बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जिस कमरे से शव मिले हैं, वह अंदर से बंद था।
शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि चारों पर्यटक राजगीर घूमने आए थे और संभवतः उन्होंने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि, चारों की मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।
पुलिस को आशंका है कि मृतक एक ही परिवार के सदस्य हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सभी मृतकों के आधार कार्ड जब्त कर लिए हैं, साथ ही धर्मशाला के उस रजिस्टर को भी कब्जे में लिया गया है, जिसमें आने-जाने वाले सैलानियों का विवरण दर्ज होता है। बताया जा रहा है कि चारों जैन सैलानी दो दिन पहले ही राजगीर घूमने के लिए पहुंचे थे।
ये सभी आत्महत्या दो दिन ही पहले कर चुके थे, क्योंकि कमरे से बदबू आने पर ही लोगों को इस घटना की जानकारी हुई। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि पर्यटकों के पास से मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिसमें बेंगलुरु का नंबर बताया जा रहा है, जिससे ऐसा लग रहा है कि यह सभी पर्यटक बेंगलुरु के रहने वाले हो सकते हैं।
हालांकि इन सभी पर्यटकों ने एक साथ आत्महत्या क्योंकि, यह एक राज का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। धर्मशाला के कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, धर्मशाला के प्रभारी मुकेश जैन के अनुसार, 31 जनवरी को चार व्यक्ति धर्मशाला पहुंचे थे। उन्होंने खुद को नेपाल से घूमते हुए राजगीर आने की बात कही थी।
इन चारों में से सिर्फ एक व्यक्ति ने पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाया था। आधार कार्ड पर नाम जीआर नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज था। अन्य तीन लोगों ने कोई पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया था। वहीं, मृतकों के परिजनों को बैंगलोर में सूचना दे दी गई है, जिनके राजगीर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना के बाद राजगीर में सन्नाटा पसरा है, धर्मशाला के बाहर पुलिस का पहरा है और पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है चार जिंदगियां यूं अचानक कैसे बुझ गईं?