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Nirbhaya Case: टल सकती है फांसी, अक्षय की याचिका पर आज SC में सुनवाई, विनय ने राष्ट्रपति को भेजी दया याचिका

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 30, 2020 08:17 IST

दोषी अक्षय ने आज शीर्ष अदालत में सुधारात्मक याचिका दायर की जिस पर पांच न्यायाधीशों की पीठ गुरुवार को सुनवाई करेगी। यदि उसकी याचिका खारिज हो जाती है तो उसके पास भी राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर करने का विकल्प है।

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निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में मौत की सजा पाए एक अन्य दोषी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका दायर की और एक अन्य ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुधारात्मक याचिका दायर की है। जिसे लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में फैसला होना है।

इससे चारों दोषियों को एक फरवरी को फांसी पर लटकाए जाने को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता मंडराने लगी है। दिल्ली जेल नियमों के अनुसार एक ही अपराध के चारों दोषियों में से किसी को भी तब तक फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता जब तक कि अंतिम दोषी दया याचिका सहित सभी कानूनी विकल्प नहीं आजमा लेता। 

निचली अदालत ने चारों दोषियों-मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाने के लिए 17 जनवरी को दूसरी बार ब्लैक वारंट जारी किया था। कोर्ट ने इससे पहले सात जनवरी को मृत्यु वारंट जारी कर उन्हें मृत्युदंड देने के लिए 22 जनवरी की तारीख निर्धारित की थी। बता दें कि विनय नाम के दोषी की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ए पी सिंह ने कहा कि उन्होंने उसकी ओर से राष्ट्रपति भवन में दया याचिका दायर की है और इस पर ‘पावती’ हासिल की है। सिंह ने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रपति के समक्ष विनय की दया याचिका दायर की है। मैंने यह स्वयं जाकर सौंपी है।’’ 

विनय ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी दया याचिका में कहा है, ‘‘श्रीमान, मेरी गिरफ्तारी के दिन से जिस तरह से मुझसे बर्ताव हुआ है, उसके चलते मैं कई बार पहले ही मर चुका हूं। इसलिए, मैं इस बारे में बताने के लिए अपने अंतिम अवसर का इस्तेमाल करना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि यह पढ़ने के बाद कि मेरा जीवन क्या रहा है, आप मुझपर दया करेंगे।’’ तिहाड़ जेल के अधिकारियों को अब निचली अदालत जाना होगा और विनय की दया याचिका के बारे में सूचित कर ‘ब्लैक वारंट’ स्थगित करने की मांग करनी होगी। अब तक एकमात्र मुकेश ही ऐसा व्यक्ति है जो सभी कानूनी विकल्प आजमा चुका है। उसकी दया याचिका राष्ट्रपति ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी और राष्ट्रपति के इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उसकी अपील खारिज कर दी।

अक्षय की सुधारात्मक याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट करेगी फैसला

वहीं, अक्षय ने आज शीर्ष अदालत में सुधारात्मक याचिका दायर की जिस पर पांच न्यायाधीशों की पीठ गुरुवार को सुनवाई करेगी। यदि उसकी याचिका खारिज हो जाती है तो उसके पास भी राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर करने का विकल्प है। मुकेश और विनय के बाद सुधारात्मक याचिका दायर करनेवाला वह तीसरा दोषी है। चौथे दोषी पवन को अभी सुधारात्मक याचिका दायर करनी है और फांसी से बचने की कोशिश में वह भी अंतिम विकल्प आजमा सकता है। 

मुकेश को छोड़कर तीनों दोषी राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने की स्थिति में राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत भी जा सकते हैं। आज के घटनाक्रम के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि अदालत भी जानती है कि दोषी फांसी में विलंब कराने के लिए एक के बाद एक-एक कर याचिका दायर कर रहे हैं। 

उन्होंने शीर्ष अदालत में संवादददाताओं से कहा, ‘‘अदालत अपना दायित्व निभा रही है और मुझे उम्मीद है कि वे (दोषी) एक फरवरी को फांसी पर लटका दिए जाएंगे। मुझे निश्चित रूप से न्याय मिलेगा। यह लंबी लड़ाई है और जारी रहेगी। मैं सात साल से कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही हूं। मैं कानून में विश्वास करती हूं। मुझे उम्मीद है कि अब हमें न्याय मिलेगा और उन्हें फांसी पर लटकाया जाएगा।’’ 

(समाचार एजेंसी पीटाआई-भाषा से इनपुट)

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