जम्मूः जम्मू कश्मीर पुलिस ने नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कथित तौर पर गलत और गुमराह करने वाला कंटेंट फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, ऐसे कंटेंट सार्वजनिक व्यवस्था खराब होने का खतरा है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर झूठे, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले कंटेंट के सर्कुलेशन के बारे में पुख्ता इनपुट मिलने के बाद श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में ये केस दर्ज किए गए।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि कंटेंट का उद्देश्य डर पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना और गैर-कानूनी कामों को भड़काना था। दोनों नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि जिस कंटेंट के लिए श्रीनगर के सांसद मेहदी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था,
पहली नजर में वह गलत बातें और बिना सत्यापित की गई जानकारी फैलाना दिखाता है, जिससे लोगों में अशांति और समाज में अशांति फैल सकती है। श्रीनगर में पुलिस ने कहा कि गलत जानकारी फैलाने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशें शांति, सुरक्षा और पूरी स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है और चल रही है।
इससे पहले अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शनों को लेकर जम्मू कश्मीर में कल देर रात को उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक हुई। इसमें मौजूदा सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया गया। श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा हालात पर विस्तृत चर्चा की।
श्रीनगर और दूसरी जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद अधिकारियों को लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने का आदेश देना पड़ा। श्रीनगर के लोक भवन में हुई इस बैठक में सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात, सेना की 15 कार्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव और उत्तरी कमान के मेजर जनरल बलबीर सिंह शामिल हुए।
सिन्हा ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का समीक्षा करने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम कश्मीर में पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक भी की। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उपराज्यपाल ने नागरिकों और सामुदायिक नेताओं से भी अपील की कि वे सद्भाव बनाए रखें और समाज में शांति और अच्छे माहौल में योगदान दें। उन्होंने कहाबकि शांति बनाए रखना और समाज की उन्नति को बनाए रखना एक साझा जिम्मेदारी है जो हम सब पर बराबर है।