पटना:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मंगलवार को तड़के एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिजली विभाग(एनबीपीडीसीएल) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अकूत संपत्ति की जानकारी लगी है। ईओयू ने जयनगर में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ आय से लगभग 63 फीसदी संपत्ति अधिक अर्जित करने का केस दर्ज किया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मनोज रजक पर अपने पद का दुरुपयोग कर आय से करीब 150 फीसदी अधिक चल और अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
ईओयू की टीम ने छापेमारी कर 31 लैंड डीड के दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि मनोज रजक ने सुपौल एनएच के किनारे बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है। इसके अलावा अररिया, दरभंगा और सिलीगुड़ी में भी कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश किया गया है। इतना ही नहीं, दार्जिलिंग में एक चाय बागान खरीदने और नेपाल के हरिहर नगर में मकान बनवाने की भी जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, अररिया में गैस एजेंसी और दरभंगा में करोड़ों का आलीशान मकान भी मनोज रजक के नाम पर है। साथ ही कई बैंक खातों, एलआईसी निवेश और बिल्डरों के माध्यम से काले धन के निवेश के संकेत मिले हैं। ईओयू अब संबंधित बिल्डरों को नोटिस भेजकर पूछताछ की तैयारी में हैो। जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी ने सट्टेबाजी में भी पैसे लगाए थे।
फिलहाल ईओयू की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। ईओयू ने मनोज रजक के दरभंगा, जयनगर, निर्मली, सुपौल के करजाइन समेत सात आवासीय कार्यालय एवं व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमारी की है। जिसमें जमीन के कुल 17 दस्तावेज मिले हैं। भूमि के कागजात जो मिले हैं वो दरभंगा,अररिया, एवं पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से संबंधित है। जिसका बाजार मूल्य 3 करोड़ से अधिक का है। दस्तावेजों का मूल्य लगभग एक करोड़ रुपया है। दो चार पहिया वाहन जिसमें स्कॉर्पियो और स्विफ्ट डिजायर मिला है।
बैंक में जमा राशि 4,25000 रु व तलाशी के दौरान 105000 रू नकद मिले हैं। ईओयू ने बताया है कि कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने अपने भाई के नाम पर एचपी गैस एजेंसी चलाते हैं। जिसका नाम इंजीनियर एचपी गैस ग्रामीण वितरक है। यह एजेंसी संजय रजक के नाम पर खरीदे गए भूखंड को मनोज कुमार रजत के नाम पर ट्रांसफर करने के बाद खोला गया है। मनोज कुमार रजक उक्त गैस एजेंसी के नाम पर खरीदे गए स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने कार्यालय में सरकारी कार्य में प्रयुक्त दिखाते हुए सरकारी खजाने से किराया बैंक अकाउंट में लिया जाता है।
जांच के दौरान मनोज कुमार रजक के गांव में तीन भवन, गोदाम बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं। निर्मली में भी एक गोदाम तथा दरभंगा शहर में एक आवासीय मकान बनाया गया है, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है। तलाशी के दौरान यह भी साक्ष्य मिला है कि कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार राजक के नेपाल में अपने ही निकटवर्ती रिश्तेदार से गैर कानूनी तरीके से विवाह करने के लिए उसके नाम पर हरिपुरा जिला सुनसरी नेपाल में घर का निर्माण कर रहे हैं। इसके लिए मजदूर अपने पैतृक गांव से भेजते हैं। पत्नी वीणा श्री भारती के नाम पर दरभंगा के बिरौल पथ पर एक पेट्रोल पंप खोले जाने के लिए लीज पर जमीन लिए जाने के पेपर मिले हैं।