नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में आरोपी कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां को दिल्ली की एक अदालत ने उनकी शादी के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। उसे 10 दिनों के लिए सशर्त अंतरिम जमानत दी गई है।
दरअसल, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून के तहत जेल में बंद कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां ने निकाह करने के लिए गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में 30 दिन की अंतरिम जमानत प्रदान करने की गुहार लगाई थी। लेकिन, कोर्ट ने महज 10 दिन की जमानत दी है।
इशरत जहां पर फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े एक प्रकरण के सिलसिले में उक्त मामला दर्ज किया गया था। अतिरिक्त सरकारी वकील ने आरोपी की शादी के बारे में तथ्यों का सत्यापन करने के लिए और समय मांगा था जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख तय की थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से हुई सुनवाई में सरकार की तरफ से अतिरिक्त सरकारी वकील धरम चंद ने अदालत से कहा था कि शादी के निमंत्रण पत्र की वास्तविकता का सत्यापन करना होगा। उन्होंने कहा था कि तथ्यों का सत्यापन करना होगा क्योंकि जमानत अर्जी के मुताबिक निकाह दो साल पहले ही तय हो गया था।
वकील एस.के. शर्मा के जरिये दाखिल अंतरिम जमानत अर्जी में इशरत जहां ने कहा था कि उनकी शादी 2018 में ही 12 जून 2020 के लिए नियत की गई थी। याचिका में कहा गया था कि यदि जमानत प्रदान की जाती है तो इशरत जहां किसी सबूत को नष्ट करने या गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगी।