नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव वाले एक साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ करके गिरोह में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। ये गिरफ्तारियां शेयर बाजार से संबंधित साइबर धोखाधड़ी की जांच के बाद की गईं, जिसमें दिल्ली के एक निवासी से लगभग 42.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस ने कहा कि उत्तम नगर के 56 वर्षीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर 17 दिसंबर, 2025 को एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि धोखेबाजों ने उन्हें शेयरों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद कई बैंक खातों के माध्यम से धोखाधड़ी की गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच के दौरान, जांचकर्ताओं को पता चला कि धोखाधड़ी की गई राशि 36 बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई।
लाभार्थी खाता दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मुनिरका गांव के निवासी सब्बीर अहमद का पाया गया।’’ उसे 21 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, सब्बीर ने खुलासा किया कि उसने विभिन्न बैंकों में नौ से दस बैंक खाते खोले थे और बटला हाउस के निवासियों मोहम्मद सरफराज (31) और मोहम्मद दिलशाद (21) को बैंक संबंधी जानकारी सौंपी थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने इन खातों में जमा की गई धोखाधड़ी की रकम पर लगभग दो प्रतिशत का कमीशन कमाया। उसके खुलासे के आधार पर, सरफराज और दिलशाद को पांच फरवरी को गिरफ्तार किया गया।’’ जांचकर्ताओं ने कहा कि दोनों ने चीनी संचालकों के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की।
खुलासा किया कि वे चीनी नागरिकों को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी बेचने में शामिल थे। वे बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय करके कई बैंक खाते खोलने की सुविधा प्रदान करने में भी शामिल थे। तीनों आरोपियों को पहले सितंबर 2025 में दर्ज एक अलग साइबर धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। मामले में जांच जारी है।